Bokaro : जिला के बेरमो में हुए चर्चित अनीता देवी हत्याकांड में एक नया और बेहद महत्वपूर्ण मोड़ सामने आया है. मृतका अनीता देवी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है. जिसने घटना से जुड़े कुछ दावों की हकीकत और मौत के असली कारणों को साफ कर दिया है. रिपोर्ट के अनुसार, अनीता देवी गर्भवती नहीं थीं. हालांकि, पोस्टमार्टम ने इस बात की पूरी तरह से पुष्टि कर दी है कि उनकी मौत सामान्य नहीं थी. रिपोर्ट के मुताबिक, अनीता देवी के हृदय पर अत्यधिक अंदरूनी चोट लगने के कारण उनकी जान गई. जो यह साबित करता है कि उनके साथ मामूली रूप से मार पीट की गयी थी. इस खुलासे के बाद अब यह पूरी तरह से साफ हो गया है कि यह सीधा सीधा हत्या का मामला है.

क्या है पूरा मामला
घटना 29 मई की देर शाम की है. बेरमो की रहने वाली अनीता देवी अपने घर में जलावन ( खाना पकाने के ईंधन) के लिए कोयला लेने गई थीं. इसी दौरान कोयला माफिया संतोष साव के करीब 20 गुर्गों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया. आरोपों के अनुसार, भीड़ ने अनीता देवी को लाठी डंडों से पीट पीटकर अधमरा कर दिया. जिसके बाद उनकी मौत हो गई. घटना के बाद मृतिका के पति महेश भुइयां ने पुलिस को लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई थी. अपने आवेदन में महेश ने दावा किया था कि उनकी पत्नी गर्भवती थीं. इसी दावे और हत्या की क्रूरता को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया था.
मौत पर भड़का जनआक्रोश, सियासत हुई गर्म
अनीता देवी की मौत के बाद बेरमो पुलिस का रवैया कथित तौर पर काफी ढीला रहा. नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी में पुलिस की निष्क्रियता देखकर स्थानीय जनता का गुस्सा फूट पड़ा और इलाके में जोरदार आंदोलन शुरू हो गया था.
इस संवेदनशील मुद्दे पर सियासत भी तेजी से गरमाई. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आजसू पार्टी खुलकर मृतका के परिवार के समर्थन में उतर आए. भाजपा नेता अमर बाउरी और नवनिर्वाचित सांसद ढुल्लू महतो ने स्थानीय प्रशासन और सत्ताधारी दल पर गंभीर आरोप लगायें. उन्होंने सीधे तौर पर बेरमो के कांग्रेस विधायक और सत्ता पक्ष पर आरोपियों को संरक्षण देने और उन्हें बचाने का आरोप मढ़ा.
एसपी के हस्तक्षेप के बाद मुख्य आरोपी समेत 7 गिरफ्तार
बढ़ते जनाक्रोश और राजनीतिक दबाव के बीच भाजपा और आजसू के प्रतिनिधिमंडल ने बोकारो के डीसी और एसपी को ज्ञापन सौंपा. इस दौरान एसपी के सामने मृतिका के पति महेश भुइयां का बयान भी दर्ज कराया गया. चौतरफा दबाव के आगे झुकते हुए आखिरकार पुलिस ने कार्रवाई तेज की. मामले के मुख्य आरोपी कोयला माफिया संतोष साव समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस प्रशासन का कहना है कि घटना में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही सभी सलाखों के पीछे होंगे.
ALSO READ : लापता अदिति पांडे की जांच हुई सुस्त, FSL रिपोर्ट की जल्दबाजी में थानेदार बेफिक्र
