Bermo : भारतीय पुलिस सेवा के 2017 बैच के अधिकारी नाथू सिंह मीणा ने शनिवार को बोकारो के नए पुलिस अधीक्षक के रूप में पदभार ग्रहण किया. कार्यभार संभालते ही उनके सामने जिले की डगमगाती कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने और संगठित अपराध पर लगाम लगाने की चुनौती सामने है. विशेष रूप से पिंडराजोरा थाना क्षेत्र के चर्चित पुष्पा मामले में हाई कोर्ट की फटकार और पुलिस की किरकिरी के बाद, आम जनता के बीच विभाग की साख को बहाल करना उनकी पहली प्राथमिकता होगी. राजस्थान के मूल निवासी नाथू सिंह मीणा झारखंड के नक्सल प्रभावित इलाकों में अपनी कड़क कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं. उनकी पहली पोस्टिंग 2019 में चक्रधरपुर के एएसपी के रूप में हुई थी, जहां उन्होंने लॉकडाउन की अवधि में ही आधा दर्जन से अधिक नक्सली मुठभेड़ों का सफल नेतृत्व कर उग्रवादी संगठनों की कमर तोड़ दी थी. पीएलएफआई के एरिया कमांडर सहित कई उग्रवादियों का सफाया करने वाले मीणा को जमीनी स्तर पर अपराधियों से निपटने का गहरा अनुभव है.
यह भी पढ़ें : 131वां संविधान संशोधन विधेयक गिरा : प्रियंका गांधी ने कहा- ‘लोकतंत्र और संविधान की बड़ी जीत, साजिश रच रही थी मोदी सरकार’
कोयला और बालू के अवैध कारोबार पर क्या लगा पाएंगे लगाम?
नाथू सिंह मीणा बोकारो आने से पहले वे पूर्वी सिंहभूम में ग्रामीण एसपी के पद पर कार्यरत थे. वर्तमान में बोकारो पुलिस के समक्ष कोयला, लोहा और बालू के अवैध कारोबार पर नकेल कसना सबसे बड़ी चुनौती है. इन धंधों में संलिप्त रसूखदार और सफेदपोश चेहरों के गठजोड़ को तोड़ना नए एसपी के लिए किसी कठिन परीक्षा से कम नहीं होगा. इसके साथ ही, जिले में पुलिस-पब्लिक समन्वय को मजबूत करना और अपराध नियंत्रण के माध्यम से आम नागरिकों में सुरक्षा का भाव पैदा करना नए कप्तान के मुख्य एजेंडे में शामिल रहेगा. अपने पूर्ववर्ती ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए, जिले के लोगों को उम्मीद है कि वे बोकारो में भी अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार करेंगे.
यह भी पढ़ें : रवि आनंद बने चतरा के 40वें DC, कीर्ति श्री से लिया पदभार
