रांची: केंद्र सरकार ने एचईसी की जमीन और आवासीय क्वार्टरों पर हुए अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए प्रबंधन से विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी है. सरकार ने एचईसी प्रबंधन को निर्देश दिया है कि अतिक्रमण से जुड़े सभी मामलों का अद्यतन ब्योरा उपलब्ध कराया जाए, ताकि आगे की कार्रवाई तय की जा सके.
केंद्र सरकार ने एचईसी की आंतरिक टीम की रिपोर्ट के साथ-साथ सेटेलाइट सर्वे के आधार पर तैयार आंकड़े भी मांगे हैं. सरकार विशेष रूप से यह जानना चाहती है कि कंपनी की कितनी जमीन पर अवैध कब्जा है, कितने आवासीय क्वार्टरों पर अनधिकृत रूप से लोग रह रहे हैं और लीज शर्तों के उल्लंघन के कितने मामले सामने आए हैं. सूत्रों के अनुसार, केंद्र ने यह भी पूछा है कि अब तक अनधिकृत निर्माण और अवैध कब्जों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है. जिन मामलों में नोटिस जारी किए गए, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हुई या कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई, उसका पूरा विवरण रिपोर्ट में देने को कहा गया है.
1500 एकड़ जमीन पर कब्जा, 800 क्वार्टरों पर अवैध रहन-सहन
मौजूदा स्थिति के अनुसार एचईसी की करीब 1500 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण बताया जा रहा है. वहीं लगभग 800 क्वार्टरों पर अवैध कब्जा है. इसके अलावा करीब 2000 क्वार्टरों में लीज की शर्तों के उल्लंघन के मामले सामने आए हैं.
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संपत्तियों के संरक्षण पर बनेगी नई रणनीति
बताया जा रहा है कि रिपोर्ट मिलने के बाद केंद्र सरकार एचईसी की संपत्तियों के संरक्षण, अतिक्रमण हटाने और आवासीय परिसरों के बेहतर उपयोग को लेकर नई रणनीति तैयार करेगी.
कार्यशील पूंजी के लिए जमीन बेचने की तैयारी
दूसरी ओर एचईसी ने अपनी खाली जमीन को संसाधन मानते हुए उसके उपयोग की योजना बनाई है. कंपनी ने खाली जमीन को बेचने या लीज पर देने का प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा है. अनुमति मिलने के बाद पहले चरण में 1000 एकड़ जमीन बेचने की योजना है. इस संबंध में Ranchi Smart City Corporation प्रबंधन के साथ भी बातचीत हुई है. स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने एचईसी से 500 एकड़ जमीन मांगी है. यदि यह प्रस्ताव अंतिम रूप लेता है तो एचईसी को 500 एकड़ जमीन के बदले करीब 5500 करोड़ रुपये मिल सकते हैं. इससे कर्मचारियों का बकाया भुगतान और कंपनी के आधुनिकीकरण कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है.
