Chaibasa : जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में औषधि निरीक्षक के द्वारा मनोहरपुर क्षेत्र में एक औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया. औचक निरीक्षण मादक द्रव्यों एवं नशीली दवाओं के अवैध क्रय-विक्रय और चिकित्सा क्षेत्र में इनके संभावित दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के लिये किया गया. इस सघन कार्रवाई के तहत क्षेत्र के कुल चार खुदरा एवं दो थोक औषधि प्रतिष्ठानों की विस्तृत जांच की गई. निरीक्षण के क्रम में दवा प्रतिष्ठानों के क्रय, विक्रय और स्टॉक संतुलन से संबंधित वैधानिक अभिलेखों की सूक्ष्मता से जांच की गई. जिसमें संतोषजनक तथय प्रकाश में आए और किसी भी प्रकार की वित्तीय या मात्रात्मक विसंगति या गड़बड़ी परिलक्षित नहीं हुई. इसके अतिरिक्त, युवाओं में नशीली प्रवृत्ति को बढ़ावा देने वाले संभावित कोडीन युक्त कफ सिरप का कोई भी अनाधिकृत भंडार या कदाचार इन दुकानों में नहीं पाया गया. इस दौरान विधिक अनुपालन की समीक्षा के दौरान एक खुदरा दवा दुकान में विसंगति पाई गई. जहां निरीक्षण के समय नियमों के तहत निबंधित फार्मासिस्ट अनुपस्थित पाए गए. इस वैधानिक उल्लंघन के कारण दोषी प्रतिष्ठान की अनुज्ञप्ति को औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम के सुसंगत प्रावधानों के आलोक में अनुज्ञापन प्राधिकारी द्वारा निलंबित किया जा सकता है.
व्यवसायिक परिसर को स्वच्छ रखने का निर्देश
जनस्वास्थय, स्वच्छता एवं आपदा प्रबंधन मानकों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सभी संचालकों को अपने व्यवसायिक परिसर को पूरी तरह स्वच्छ, स्वच्छंद एवं धूल-मुक्त रखने के निर्देश दिए गए. निरीक्षण के क्रम में यह पाया गया कि गंदगी से बचाव के लिए दुकानों में ढक्कनदार कूड़ेदानों का उचित उपयोग किया जा रहा है. लेकिन दुकानों में आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए अनिवार्य अग्निशामक यंत्र उपलब्ध नहीं थे. जिसके लिए उन्हें अविलंब आवश्यक उपकरण स्थापित करने की चेतावनी दी गई.

सुरक्षा एवं सतत निगरानी प्रणाली की समीक्षा
सुरक्षा एवं सतत निगरानी प्रणाली की समीक्षा में सभी दुकानों में सीसीटीवी कैमरे क्रियाशील पाए गए. लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने के उद्देश्य से कुछ दुकानदारों को कैमरों का रुख दुकान के मुख्य सम्मुख भाग की ओर पुनर्व्यवस्थित करने का निर्देश दिया गया. जिससे असामाजिक या संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा सके.
पंजीकृत चिकित्सक के वैध पर्चे के आधार पर हो दवाओं की बिक्री
नशीली दवाओं के दुष्परिणामों के प्रति समाज में व्यापक जन-जागरूकता प्रसारित करने के लिये विभाग द्वारा सभी जांचे गए औषधि प्रतिष्ठानों के मुख्य प्रवेश द्वारों पर जागरूकता संबंधी प्रचार पोस्टर लगाए गए. इसके साथ ही, औषधि निरीक्षक ने समस्त दवा विक्रेताओं को कड़ाई से निर्देशित किया कि वे सिर्फ पंजीकृत चिकित्सक के वैध पर्चे के आधार पर ही शिड्यूल दवाओं का विक्रय सुनिश्चित करें. साथ ही यह स्पष्ट किया गया है कि परिसर या क्षेत्र में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या मादक द्रव्यों के अवैध व्यापार की भनक लगने पर संचालक अविलंब इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन, औषधि प्रभाग या निकटतम पुलिस स्टेशन को देना सुनिश्चित करें. भविष्य में भी नियमों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध शून्य-सहनशीलता नीति के तहत कठोर दंडात्मक कदम उठाए जा सके.
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