Ranchi: झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने राज्य में उग्रवादी हिंसा के शिकार हुए व्यक्तियों के आश्रितों को आर्थिक सहायता देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. सरकार की ओर से उग्रवादी हिंसा में जान गंवाने वाले दो पीड़ितों के आश्रितों के लिए कुल दो लाख रुपये की अनुदान राशि के आवंटन को मंजूरी दे दी गई है.
सरकार की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल द्वारा खूंटी और चाईबासा के डीसी को इस संबंध में आधिकारिक पत्र भेजकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं.
इन परिवारों को मिलेगी आर्थिक सहायता
सरकारी आदेश के अनुसार, आवंटित की गई राशि को दोनों जिलों के पीड़ित परिवारों में बराबर-बराबर विभाजित किया गया है.

खूंटी जिले में 25 नवंबर 2011 को उग्रवादी हिंसा में मारे गए स्वर्गीय धीरज कुमार (ग्राम- जमुआवां, थाना- दाउदनगर, जिला- औरंगाबाद, बिहार) के आश्रित उनकी माता कान्ति देवी को एक लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा.
चाईबासा जिले में 19 नवंबर 2022 को उग्रवादी हिंसा का शिकार हुए स्वर्गीय चैतन कोड़ा (ग्राम- रेंगड़ाहातु, पोस्ट- टोन्टो, थाना- टोन्टो, जिला- पश्चिमी सिंहभूम) के आश्रित उनके पुत्र बहादुला कोड़ा को एक लाख रुपये की सहायता राशि आवंटित की गई है.
बजट और निकासी को लेकर सख्त नियम
विभाग ने इस राशि के आवंटन और व्यय को लेकर कड़े वित्तीय नियम तय किए हैं. यह सहायता राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण शीर्ष के अंतर्गत दंगा और हिंसा प्रभावित व्यक्तियों को राहत एवं आर्थिक सहायता मद से दी जाएगी. संबंधित जिलों के उपायुक्त अथवा उनके द्वारा अधिकृत पदाधिकारी ही इस राशि के आहरण एवं व्यय के लिए डीडीओ होंगे. इस राशि की निकासी संबंधित जिला कोषागार (झारखंड) से की जाएगी.
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