Chatra: चतरा जिला मुख्यालय में मंगलवार दोपहर SP आवास के ठीक सामने हुए सनसनीखेज बॉडीगार्ड हत्याकांड मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार आरोपी बलबीर सिंह को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. पुलिस ने उसके कब्जे से एक इटालियन मेड लोडेड रायफल बरामद किया है. पुलिस के अनुसार जब्त हथियार के संबंध में न तो आरोपी और न ही ठेकेदार विनीत कुमार यादव कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत कर सके हैं. ऐसे में पुलिस अब हथियार के अवैध होने के पहलू की भी गहन जांच कर रही है.
विनित कुमार यादव, चालक व सरकारी बाॅडीगार्ड से की जा रही पूछताछ
सदर SDPO सन्नी वर्धन ने अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि मंगलवार दोपहर पुलिस को सूचना मिली कि नेक्सा शोरूम के समीप एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई है. सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और मौके से ही आरोपी बलबीर सिंह को हथियार सहित गिरफ्तार कर लिया गया. उन्होंने बताया कि मृतक की पहचान अतुल कुमार के रूप में हुई थी. अतुल कुमार बिहार के बक्सर का रहने वाला था. वह पूर्व में असम रायफल में सेवा देने के बाद रिटायरमेंट लेकर विनित यादव का प्राइवेट बॉडीगार्ड का काम कर रहा था, जबकि आरोपी बलबीर सिंह यूपी के अलीगढ़ जिले के राउपुर गांव का रहने वाला है. SDPO ने बताया कि इस मामले में पुलिस अभी भी चतरा में चल रहे बाईपास निर्माण का काम कर रहे रमिया कंट्रशन के मालिक विनित कुमार यादव, उसके चालक व सरकारी बाॅडीगार्ड सत्येंद्र कुमार को हिरासत में रख उनसे पूछताछ कर रही है.
दोनों ठेकेदार विनीत यादव के थे निजी बॉडीगार्ड
SDPO ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक अतुल कुमार और आरोपी बलबीर सिंह दोनों रमिया कंस्ट्रक्शन के मालिक विनीत कुमार यादव के निजी बॉडीगार्ड थे और घटना के समय दोनों एक साथ गाड़ी मे ही मौजूद थे. एसडीपीओ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है, कि दोनों के बीच खैनी को लेकर कहासुनी हुई थी. यह मामूली विवाद देखते ही देखते गाली-गलौज में बदल गया और इसी दौरान गुस्से में आकर बलबीर सिंह ने अपनी रायफल से अतुल कुमार पर गोली चला दी. गोली लगते ही अतुल कुमार की मौके पर ही मौत हो गई.
हथियारों के कागजात नहीं मिले, अवैध होने की आशंका..?
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त इटालियन मेड लोडेड रायफल जब्त कर ली है. जांच के दौरान आरोपी प्राइवेट बॉडीगार्ड बलबीर सिंह और ठेकेदार विनीत कुमार यादव से हथियारों के लाइसेंस एवं अन्य दस्तावेज मांगे गए, लेकिन कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं किया गया. इसके बाद पुलिस ने हथियारों की वैधता की जांच शुरू कर दी है. यदि दस्तावेज नहीं मिलते हैं तो संबंधित धाराओं में अलग से कार्रवाई की जाएगी.
हर पहलू की जांच में जुटी है पुलिस टीम
एसडीपीओ ने बताया कि फिलहाल आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. साथ ही हत्या के कारण, हथियारों की वैधता और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गंभीरता से जांच की जा रही है. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि दोनों हथियार किसके नाम पर थे और इन्हें किस आधार पर रखा गया था.
सरकारी बॉडीगार्ड का भी कारबाईन जब्त
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सन्नी वर्धन ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि घटना के दौरान ठेकेदार के गाड़ी में मौजूद गया जी के बेलागंज विधायक मनोरमा देवी के सरकारी बॉडीगार्ड का कार्बाइन भी जब्त किया गया है. उन्होंने बताया कि गया पुलिस से पत्राचार कर यह पता लगाया जा रहा है, कि आखिर कारण और किन परिस्थितियों में विधायक का सरकारी बॉडीगार्ड सरकारी हथियार के साथ ठेकेदार की गाड़ी मे बैठकर चतरा आया था.
बॉडीगार्ड रखने से पूर्व नहीं कराया था जांच..?
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात SDPO ने यह बताया कि बेलागंज विधायक मनोरमा देवी के ठेकेदार पुत्र विनीत यादव ने दो प्राइवेट बॉडीगार्ड रखा था. हथियार से लैस दोनों प्राइवेट बॉडीगार्ड पूर्व सैनिक रह चुके हैं. उन्होंने बताया कि एक प्राइवेट बॉडीगार्ड अतुल सिंह को मौत के घाट उतारने वाले आरोपी प्राइवेट बॉडीगार्ड बलवीर सिंह का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है. बलवीर पूर्व में बिहार के औरंगाबाद जिले में CISF में नौकरी के दौरान एक ASI समेत तीन अन्य CISF जवानों की गोली मारकर हत्या करने के मामले में जेल जा चुका है. बावजूद ठेकेदार विनित द्वारा किन परिस्थिति में अपराधी को हथियार देकर अपने बॉडीगार्ड के रूप में रखा गया था, इसकी जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले में ठेकेदार की ओर से बरती गई लापरवाही की भी जांच की जा रही है.
ठेकेदार विनीत की लापरवाही ने ले ली पूर्व सैनिक अतुल की जान..?
बहरहाल इस पूरे मामले नें सिस्टम को कटघरे मे लाकर खड़ा कर दिया है. लोग आरोप लगा रहे हैं कि रमिया कंस्ट्रक्शन के मालिक विनीत यादव की लापरवाही नें ही असम राइफल के पूर्व सैनिक की चतरा में जान ले ली. क्योंकि बॉडीगार्ड नियुक्त करने से पहले विनीत यादव द्वारा अगर बलवीर के चरित्र का पुलिस सत्यापन कराया गया होता, तो शायद आज यह नौबत नहीं आती. पुलिसिया जांच में बलवीर द्वारा औरंगाबाद में पूर्व में घटित किए गए जघन्य अपराध का काला चिटठा शायद खुल गया होता. बहरहाल चतरा पुलिस ने प्राइवेट बॉडीगार्ड हत्या मामले में भले ही बलवीर को जेल भेजते हुए उसके द्वारा फायरिंग में प्रयुक्त हथियार के साथ-साथ सरकारी बॉडीगार्ड का कार्बाइन जब्त कर लिया है, लेकिन इस बात से तनिक भी इंकार नहीं की जा सकती की बलबीर द्वारा दिए गए हत्याकांड का मुख्य वजह ठेकेदार का बगैर चरित्र सत्यापन बॉडीगार्ड नियुक्त करना ही है.
खुद को पागल बताकर ले लेता था सहानुभूति
चतरा एसपी आवास के समीप हुए बक्सर निवासी प्राइवेट बॉडीगार्ड अतुल सिंह हत्याकांड मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है, कि दूसरा प्राइवेट हत्यारोपी बॉडीगार्ड बलवीर हत्या जैसे जघन्य अपराध को अंजाम देने के बाद खुद को पागल घोषित कर सहानुभूति बटोर लेता था. पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए चतरा एसडीपीओ ने बताया कि पूछताछ के दौरान बलवीर ने खुद को मानसिक विक्षिप्त बताया है, जबकि उसके पास मानसिक विक्षिप्तता से संबंधित कोई ठोस साक्ष्य नहीं है. पुलिस के अनुसार पूर्व में वर्ष 2017 में बिहार के औरंगाबाद में भी चार सीआईएसएफ जवानों के निर्मम हत्या करने के बाद बलवीर और उसके परिजनों ने उसे पागल बताया था. बलवीर के निर्ममता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसके चेहरे और दिल दिमाग में अपने साथी अतुल की हत्या का तनिक भी अफसोस नहीं है.
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