Chatra: जीटीपीएल कोल ट्रांसपोर्टिंग कंपनी के टीपर वाहन से पिपरवार सीआईएसएफ ने 10.18 टन अवैध कोयला किया जब्त,देश को ऊर्जा आपूर्ति के लिए सीसीएल के वर्कर एवं पदाधिकारियों के पसीने छुड़ते है. वहीं निविदा प्राप्त ट्रांसपोर्टरों द्वारा खदान के क्वालिटी कोयला स्टॉक पर गिद्ध नजर बनी रहती है. सूत्र बताते है की रोड मैनेजमेंट का खर्च निकालने के लिए वाहन से 5-10 टन कोयला कम अनलोडिंग किया जाता है. उस कोयले को बनारस एवं बिहार डेहरी ऑन सोन,मंडियों में खपाया जाता है. इधर कोयला चोरी गंभीर विषयों पर आम्रपाली परियोजना के उड़सू के रैयतों ने सीसीएल प्रबंधन से कोयला स्टॉकों के बारे में जानकारी साझा करने की मांग किया है. देश के लिए हमलोगों ने जल जंगल जमीन से वंचित हो रहे,कोल माफियाओं द्वारा अवैध कमाई से धनार्जन करने लिए कोयला चोरी कर सपने पूरे करते है. रैयतों ने कोयला चोरी पर विराम लगाने की प्रबंधन से मांग करने की बात कही है. राष्ट्रीय संपति की चोरी नहीं रुकने पर आंदोलनकारियों द्वारा चक्का जाम करने की तैयारी की सूचना है.
कोयला जब्त होने से ट्रांसपोर्टरों के कारनामे हुए उजागर
राष्ट्रीय संपति की चोरी के मास्टर माइंड पर ईडी और सीबीआई की कार्रवाई अब क्यों नहीं,कोयला खपाने के लिए सड़को पर कोल वाहनों के चालक तेज रफ्तार का करते रहे ड्राइविंग,इससे जिले के सभी मुख्य मार्ग प्रभावित है। घटनाएं बढ़ रही है. यात्रा के दौरान राहगीर असुरक्षित महसूस करते है. इधर अवैध कोयला की रोक के लिए प्रबंधन की तकनीकी माप दंड फेल होने से सवाल उठने लगे है,अवैध कोयला के कारोबार करने वाले कोल ट्रांसपोर्टरों को प्रतिबंध ब्लैक लिस्ट करने की मांग उठ रहे है.

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