Ranchi: ऐतिहासिक और पारंपरिक जगन्नाथपुर मेला के सफल, सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. इसी दौरान रविवार को धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर मंदिर के नीलाद्री हॉल में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया. इस बैठक की अध्यक्षता एडीजी मनोज कौशिक ने किया. इस दौरान एसएसपी राकेश रंजन उपस्थित रहे. बैठक में पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों, मेला आयोजन समिति के सदस्यों तथा विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया और मेले की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने पर विस्तार से चर्चा की. इस बैठक में सिटी एसपी पारस राणा, ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह समेत कई अधिकारी उपस्थित थे.

सुरक्षा का रहेगा कड़ा पहरा: ड्रोन और सीसीटीवी से होगी निगरानी:
– मेले में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं. बैठक में अधिकारियों ने मुख्य रूप से बिंदुओं पर रणनीति बनाई.

– महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए मेला परिसर में विशेष पुलिस बल तैनात किया जाएगा. भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग और वन-वे रूट बनाए जाएंगे.
– चोरी, छिनतई और पॉकेटमारी जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पूरे मेला क्षेत्र में सादे लिबास में महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी.
– मेले के चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं. इसके साथ ही पूरे मेला क्षेत्र की ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी निगरानी की जाएगी.

ट्रैफिक के लिए बनेगा डायवर्जन प्लान, पार्किंग की होगी व्यवस्था:
– श्रद्धालुओं को मेले में आने-जाने में कोई असुविधा न हो, इसके लिए रांची ट्रैफिक पुलिस ने कड़े इंतजाम किए हैं. बैठक में यातायात प्रबंधन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए.
मेला अवधि के दौरान वीआईपी और आम जनता के वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल*
चिन्हित किए गए हैं.
– प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति से निपटने के लिए डायवर्जन प्लान लागू किया जाएगा, ताकि सामान्य यातायात प्रभावित न हो और श्रद्धालु सुगमता से मंदिर पहुंच सकें.
24 घंटे उपलब्ध रहेंगी मेडिकल सुविधाएं:
– किसी भी आपातकालीन चिकित्सा स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट पर रखा गया है. मेला परिसर में जगह-जगह अस्थायी स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे.
– डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की चौबीसों घंटे तैनाती रहेगी.गंभीर स्थिति में मरीजों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिए मेला क्षेत्र के रणनीतिक पॉइंट पर एम्बुलेंस मुस्तैद रहेंगी.
मंदिर समिति के लिए विशेष गाइडलाइन: ‘पगड़ी’ बनेगी पहचान, समूहों में करेंगे काम:
– इस बार जिला प्रशासन ने जगन्नाथपुर मंदिर समिति के सदस्यों के लिए एक खास नियमावली तैयार की है, ताकि समन्वय बेहतर हो सके.
– मेले के दौरान मंदिर समिति के सभी सदस्यों को अपने सिर पर एक जैसी पगड़ी या विशेष पहचान चिह्न धारण करना अनिवार्य होगा. इससे पुलिस और आम जनता भीड़ में उन्हें आसानी से पहचान सकेगी.
– प्रशासन ने निर्देश दिया है कि समिति के सदस्य अकेले ड्यूटी करने के बजाय कम से कम 3 से 4 लोगों के समूह में रहें.
– यदि भीड़ में कोई बच्चा या श्रद्धालु अपने परिवार से बिछड़ जाता है, या किसी की तबीयत अचानक खराब होती है, तो समिति के सदस्य समूह में रहकर तुरंत और प्रभावी ढंग से सहायता पहुंचा सकेंगे.
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आपसी समन्वय से सफल बनेगा मेला:
बैठक के समापन पर वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मेले की सफलता सभी विभागों के आपसी तालमेल पर निर्भर करती है. नगर निगम, बिजली विभाग, पेयजल स्वच्छता विभाग और पुलिस प्रशासन को एक टीम की तरह काम करने का निर्देश दिया गया है ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित और सुलभ वातावरण मिल सके.


