रांची:भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ 1 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘बदलाव जरूरी’ रैली आयोजित करने की घोषणा की है. पार्टी ने रैली को सफल बनाने के लिए लोगों से बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचने की अपील की है. रांची में सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में CPI झारखंड राज्य परिषद के प्रदेश सचिव महेंद्र पाठक, दलित अधिकार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह किसान सभा के संयोजक भंते जैनेंद्र तथागत, एटक महासचिव अशोक यादव और ईसहाक अंसारी ने रैली की जानकारी दी.

सरकार की नीतियों के कारण महंगाई और बेरोजगारी बढ़ी
पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण महंगाई और बेरोजगारी बढ़ी है. उन्होंने कहा कि चारों लेबर कोड लागू होने से मजदूरों के अधिकार प्रभावित होंगे. वहीं, MMDR कानून में संशोधन के जरिए देश की खनिज संपदा को कॉरपोरेट के हाथों में सौंपने का आरोप भी लगाया.
13 मांगों को लेकर आंदोलन
CPI ने महंगाई रोकने, रसोई के सामान के दाम कम करने और बेरोजगारी दूर करने समेत 13 प्रमुख मांगें रखी हैं. पार्टी की प्रमुख मांगों में चारों लेबर कोड वापस लेना, न्यूनतम मजदूरी 26 हजार रुपये प्रति माह करना और MMDR कानून वापस लेना शामिल है. पार्टी ने JPSC 2024 परीक्षा रद्द करने, 14वीं और छठी JPSC परीक्षा एक साथ कराने तथा पेपर लीक पर रोक लगाने की मांग भी की है. इसके अलावा शिक्षित बेरोजगार युवाओं को 10 हजार रुपये प्रतिमाह प्रतीक्षा भत्ता, मनरेगा में 300 दिनों का काम, किसानों के लिए आर्थिक सहायता और 60 वर्ष से अधिक उम्र के किसानों को 10 हजार रुपये प्रतिमाह देने की मांग रखी गई है. CPI ने झारखंड में जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा, ग्राम सभाओं को अधिकार देने, CNT-SPT कानूनों की रक्षा करने, भूमि बैंक खत्म करने और विस्थापन-पुनर्वास की ठोस नीति लागू करने की मांग भी उठाई है.
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