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सुदूर उरुगुट्टू गांव पहुंचीं डीसी प्रेरणा दीक्षित, योजनाओं की ली जानकारी और किसानों को दिया नया मॉडल

गुमला: डीसी प्रेरणा दीक्षित ने प्रोजेक्ट द्वार के तहत कामडारा प्रखंड के रामतोलिया पंचायत अंतर्गत उरुगुट्टू गांव का दौरा किया. यह गांव...

गुमला: डीसी प्रेरणा दीक्षित ने प्रोजेक्ट द्वार के तहत कामडारा प्रखंड के रामतोलिया पंचायत अंतर्गत उरुगुट्टू गांव का दौरा किया. यह गांव खूंटी जिला की सीमा से सटे सुदूरवर्ती क्षेत्र में स्थित है और यहां करीब 200 लोगों की आबादी रहती है. उपायुक्त ने गांव में विभिन्न विभागों और सहयोगी संस्था प्रदान (PRADAN) के समन्वय से चल रही योजनाओं और विकास कार्यों का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि उरुगुट्टू गांव को क्लस्टर बेस्ड अप्रोच के तहत विकसित करते हुए इसे जल पर्याप्त गांव बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है ताकि यह गांव एक मॉडल के रूप में विकसित हो सके. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इसी मॉडल के आधार पर अन्य गांवों में भी योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाए.

कृषि और आजीविका गतिविधियों को मिल रहा बढ़ावा
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि गांव में कृषि विभाग के माध्यम से 30 परिवार सरसों और 5 परिवार गेहूं की खेती कर रहे हैं. तीन परिवारों ने छह एकड़ भूमि में ड्रिप सिंचाई की व्यवस्था की है. मनरेगा के तहत छह कुओं का निर्माण कराया गया है और भग्य योजना के अंतर्गत आठ परिवारों को छह एकड़ भूमि पर लाभ मिला है. उद्यान विभाग द्वारा चार वर्मी बेड स्थापित किए गए हैं जबकि मत्स्य विभाग के माध्यम से तीन परिवारों को मत्स्य पालन से जोड़ा गया है. भूमि संरक्षण विभाग ने दो तालाबों का निर्माण, एक ट्रैक्टर, दस पंप और एक टैंक उपलब्ध कराया है. सहयोगी संस्था प्रदान द्वारा गांव में 16 तालाबों का निर्माण, 25 एकड़ भूमि में ट्रीटमेंट कार्य और 15 एकड़ में खेती-बाड़ी का विकास कराया गया है. गांव के करीब 50 किसान एफपीओ से जुड़े हुए हैं और 55 परिवारों को विभिन्न कृषि और आजीविका योजनाओं का लाभ मिल रहा है.

महिला समूहों की सक्रिय भागीदारी
गांव में चार महिला मंडल समूह सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं. समूह से जुड़ी महिलाओं ने उपायुक्त को बताया कि समूह से जुड़ने के बाद उन्हें विभिन्न आजीविका गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिला है जिससे वे अपने परिवार का बेहतर पालन-पोषण कर पा रही हैं. उपायुक्त ने महिलाओं के साथ संवाद करते हुए उन्हें मशरूम उत्पादन और अन्य आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया. ग्रामीणों ने इस दौरान चेक डैम निर्माण, सड़क, शौचालय, सामुदायिक भवन, धूमकुड़िया भवन, नाली, राशन व्यवस्था, आंगनवाड़ी केंद्र और विद्यालय से जुड़ी मांगें भी रखीं. उपायुक्त ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया और गांव के समग्र विकास के लिए हर संभव प्रशासनिक सहयोग का भरोसा दिया.

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