Koderma: उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में आपूर्ति विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (JSFSS), लाभुकों के ई-केवाईसी, चना दाल, चीनी, नमक तथा सोना सोबरन धोती, लुंगी एवं साड़ी योजना समेत विभिन्न योजनाओं की प्रखंडवार समीक्षा की गई.
हर पात्र लाभुक तक पहुंचे खाद्यान्न
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने NFSA के तहत प्रखंडवार खाद्यान्न वितरण की स्थिति की जानकारी ली. उन्होंने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को शत-प्रतिशत खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि कोई भी पात्र लाभुक सरकारी खाद्यान्न योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए. उन्होंने कम वितरण वाले प्रखंडों में आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने और निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप अधिकतम उपलब्धि हासिल करने का निर्देश दिया.
हरा राशन कार्डधारियों के बीच वितरण की भी समीक्षा
बैठक में झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत हरा राशन कार्ड से जुड़े लाभुकों के बीच खाद्यान्न वितरण की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की गई. जिन प्रखंडों में वितरण की प्रगति अपेक्षाकृत कम पाई गई, वहां संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार करते हुए शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने को कहा गया.
चना दाल, चीनी और नमक वितरण पर भी फोकस
उपायुक्त ने चना दाल, चीनी और नमक के वितरण की भी समीक्षा की. इसके साथ ही सोना सोबरन धोती, लुंगी एवं साड़ी योजना के तहत सामग्री वितरण की प्रगति की जानकारी ली गई. उन्होंने कम उपलब्धि वाले प्रखंडों के अधिकारियों को सभी सामग्रियों का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. साथ ही कहा कि खाद्यान्न प्राप्त करने वाले पात्र लाभुकों के बीच नियमानुसार धोती, लुंगी एवं साड़ी का वितरण भी समय पर किया जाए.
PVTG परिवारों को शत-प्रतिशत राशन देने का निर्देश
उपायुक्त ने जिले के सभी पीवीटीजी यानी विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह के राशन कार्डधारी परिवारों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि ऐसे सभी पात्र परिवारों को शत-प्रतिशत खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए.
राशन कार्ड निरस्तीकरण से पहले दोबारा जांच जरूरी
बैठक में राशन कार्ड निरस्तीकरण की प्रक्रिया को लेकर भी उपायुक्त ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार का राशन कार्ड निरस्त या डिलीट करने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले संबंधित व्यक्ति और उसके परिवार की पात्रता का दोबारा सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए. उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि प्रक्रिया के दौरान किसी भी पात्र परिवार का राशन कार्ड गलती से निरस्त न हो और कोई पात्र व्यक्ति सरकारी खाद्य सुरक्षा योजना के लाभ से वंचित न रहे.
ई-केवाईसी में तेजी लाने का निर्देश
बैठक में लाभुकों के ई-केवाईसी की प्रगति की भी समीक्षा की गई. जिन प्रखंडों में ई-केवाईसी का कार्य अपेक्षित स्तर से कम पाया गया, वहां के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को अभियान चलाकर शत-प्रतिशत ई-केवाईसी पूरा कराने का निर्देश दिया गया. उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीरता बरतने और पात्र लाभुकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने को कहा.
ये रहे मौजूद
बैठक में उप विकास आयुक्त रवि जैन, अपर समाहर्ता संजय पीएम कूजूर, जिला आपूर्ति पदाधिकारी राम रतन वर्णवाल, जिला सहकारिता पदाधिकारी रूमा झा, सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे.
