Palamu: पलामू प्रमंडल के जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और पुलिसिया कामकाज को बेहतर बनाने के उद्देश्य से डीजीपी तदाशा मिश्रा पलामू पहुंचीं. अपने इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान उन्होंने पलामू प्रमंडल के तीनों जिलों–पलामू, गढ़वा और लातेहार की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और नक्सल विरोधी अभियानों की विस्तृत समीक्षा की. इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से आईजी (अभियान) नरेंद्र कुमार सिंह, आईजी (सीआईडी) अजय लिंडा, पलामू के डीआईजी किशोर कौशल, पलामू के एसपी कपिल चौधरी, लातेहार के एसपी कुमार गौरव और गढ़वा के एसपी आशुतोष शेखर मौजूद रहे.
जिलावार समीक्षा कर जानी गई सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति
बैठक के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए डीजीपी तदाशा मिश्रा ने बताया कि प्रमंडल के सभी जिलों में कानून-व्यवस्था की स्थिति और पुलिसिंग की बारीकी से समीक्षा की जा रही है. उन्होंने कहा कि पुलिस मुख्यालय लगातार जमीनी हकीकत पर नजर रख रहा है कि स्थानीय स्तर पर सुरक्षा को लेकर क्या चुनौतियां हैं, पुलिस के पास क्या संसाधन उपलब्ध हैं, क्या दिक्कतें आ रही हैं और वर्तमान में अपराध का ग्राफ कैसा है. डीजीपी ने इसे एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बताते हुए कहा कि यह पुलिस विभाग की नियमित और रूटीन समीक्षा बैठक का हिस्सा है, जिसे और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है.

उन्होंने आगे बताया कि गढ़वा, पलामू और लातेहार जिलों की स्थिति की समीक्षा जिलावार की जा रही है, क्योंकि प्रत्येक जिले की भौगोलिक और प्रशासनिक परिस्थितियों को गहराई से समझने में समय लगता है. तीनों जिलों के पुलिस कप्तानों की सराहना करते हुए डीजीपी ने कहा कि वर्तमान में तैनात सभी एसपी युवा, ऊर्जावान और बेहद मेहनती हैं, जिनके नेतृत्व में फील्ड में बेहतरीन काम हो रहा है.
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लापता बच्चों के मामलों में SIT गठन का निर्देश
क्षेत्र में हाल के दिनों में बच्चों के लापता होने से जुड़े एक गंभीर सवाल पर स्थिति स्पष्ट करते हुए डीजीपी ने कहा कि राज्य में बच्चों के गायब होने जैसी घटनाओं में कोई बढ़ोतरी नहीं हो रही है. इस संवेदनशील मामले पर पुलिस पूरी तत्परता और सतर्कता से काम कर रही है. पूरे झारखंड राज्य समेत पलामू प्रमंडल में लापता बच्चों की बरामदगी के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं. अब बहुत ही कम ऐसे बच्चे रह गए हैं जिनकी बरामदगी होना बाकी है.
लापता बच्चों के सटीक आंकड़ों और पुलिस की आगामी कार्रवाई की जानकारी साझा करते हुए उन्होंने बताया कि वर्तमान में गढ़वा जिले में ऐसे केवल दो मामले और लातेहार जिले में महज एक मामला शेष रह गया है. इन बचे हुए मामलों को भी जल्द से जल्द सुलझाने और बच्चों की सुरक्षित घर वापसी के लिए डीजीपी ने विशेष जांच दल अर्थात एसआईटी (SIT) का गठन करने का निर्देश जारी किया है, ताकि त्वरित अनुसंधान के जरिए इन मामलों का तत्काल पटाक्षेप किया जा सके.
