Chaibasa : पश्चिम सिंहभूम जिला उपायुक्त से समाजसेवी डॉ. रीना गोडसोरा ने शिष्टाचार मुलाकात कर जिले में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की. इस दौरान उन्होंने ग्रामीण और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में शिक्षा तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के संबंध में कई सुझाव प्रशासन के समक्ष रखे. मुलाकात के दौरान डॉ. रीना गोडसोरा ने ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की शिक्षा की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए बिहार की तर्ज पर “टोला सेवकों” की नियुक्ति का सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर शिक्षाकर्मियों की भागीदारी बढ़ने से विद्यालयों में नामांकन, विद्यार्थियों की उपस्थिति तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा. उनका मानना है कि झारखंड में भी इस व्यवस्था को लागू किए जाने से शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक सुधार देखने को मिल सकता है.

पश्चिम सिंहभूम में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने पर जोर
स्वास्थ्य सेवाओं के मुद्दे पर भी उन्होंने विस्तार से चर्चा की. डॉ. गोडसोरा ने कहा कि दूर-दराज के गांवों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने, नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है. उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नए ब्लड बैंक स्थापित करने की जरूरत भी बताई. उपायुक्त ने उनके सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में जनहितकारी पहलों को आगे बढ़ाने के लिए सकारात्मक सहयोग का भरोसा दिया. मुलाकात के बाद डॉ. रीना गोडसोरा ने विश्वास जताया कि प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयासों से पश्चिम सिंहभूम के सुदूरवर्ती गांवों में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक प्रभावी तथा सुलभ बनाया जा सकेगा. इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य श्रीमती यमुना तीयू, विजय समद और सुबोध कुमार भी उपस्थित थे.
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