कोयला पारिवारिक पेंशनधारकों को बड़ी राहत,16 हजार लाभुकों की पेंशन बढ़ी, 5 लाख पेंशनभोगी अब भी संशोधन की राह में

Hazaribagh: कोयला क्षेत्र के पारिवारिक पेंशनधारकों को बड़ी राहत मिली है. कोल माइंस प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (सीएमपीएफओ) ने कोयला खान पारिवारिक पेंशन...

Hazaribagh: कोयला क्षेत्र के पारिवारिक पेंशनधारकों को बड़ी राहत मिली है. कोल माइंस प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (सीएमपीएफओ) ने कोयला खान पारिवारिक पेंशन योजना-1971 के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन ₹1,000 निर्धारित करने संबंधी भुगतान आदेश जारी कर दिया है. इस फैसले से करीब 16 हजार पेंशनधारकों और उनके आश्रितों को लाभ मिलेगा.

15 मई की अधिसूचना के अनुरूप जारी हुआ आदेश

सीएमपीएफओ द्वारा 15 मई को जारी अधिसूचना के आधार पर यह आदेश लागू किया गया है. इसके तहत ऐसे सभी पारिवारिक पेंशनभोगी और आश्रित, जिन्हें अब तक ₹1,000 से कम मासिक पेंशन मिल रही थी, उन्हें अब न्यूनतम ₹1,000 प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जाएगी.

मार्च 2024 से मिलेगा लाभ, एरियर का भी भुगतान

पेंशन बढ़ोतरी को 8 मार्च 2024 से प्रभावी माना गया है. इससे पात्र लाभुकों को बढ़ी हुई पेंशन के साथ-साथ बकाया राशि (एरियर) का भी भुगतान किया जाएगा. इस निर्णय से हजारों परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है.

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वित्तीय दबाव बना चुनौती

हालांकि व्यापक पेंशन संशोधन को लेकर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं है. सरकार और सीएमपीएफओ का कहना है कि संस्था वित्तीय दबाव का सामना कर रही है. कोयला उद्योग में कर्मचारियों की संख्या घटने से अंशदान कम हो रहा है, जबकि पेंशन भुगतान का दायित्व लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में बड़े स्तर पर पेंशन संशोधन के लिए अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता बताई जा रही है.

पांच लाख से अधिक पेंशनभोगी कर रहे इंतजार

कोयला उद्योग से जुड़े करीब पांच लाख पेंशनभोगी अब भी पेंशन संशोधन की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि कोयला खान पेंशन योजना-1998 में हर तीन वर्ष पर पेंशन की समीक्षा और संशोधन का प्रावधान है, लेकिन अब तक अपेक्षित संशोधन नहीं किया गया है.

वेतन समझौतों का लाभ नहीं मिलने की शिकायत

पेंशनभोगियों का आरोप है कि सक्रिय कर्मचारियों को समय-समय पर मिले वेतन समझौतों और वेतन संशोधन का लाभ सेवानिवृत्त कर्मियों तक नहीं पहुंचाया गया. विभिन्न पेंशनधारक संगठन लंबे समय से पेंशन पुनरीक्षण की मांग कर रहे हैं. फिलहाल न्यूनतम ₹1,000 मासिक पारिवारिक पेंशन लागू होने से 16 हजार लाभुकों को राहत मिली है, लेकिन व्यापक पेंशन संशोधन की मांग को लेकर लाखों पेंशनभोगियों का इंतजार अब भी जारी है.

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