Bokaro: ट्रेनी हॉस्टल में हाल ही में हुए विवाद के बाद प्रशासन ने बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी है. इसी निर्णय के विरोध में शनिवार को हॉस्टल परिसर में अभ्यास करने वाले बाहरी खिलाड़ी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा हॉस्टल के मुख्य गेट पर एकत्र होने लगे. गेट नहीं खोले जाने पर उन्होंने अपना विरोध दर्ज कराया. साथ ही अपनी मांगों को लेकर काफी देर तक डटे रहे.
फिजिकल तैयारी करने वाले युवाओं की बढ़ी परेशानी
युवाओं का कहना है कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थी यहां आकर सेना, अर्धसैनिक बलों तथा अन्य सरकारी नौकरियों की शारीरिक दक्षता (फिजिकल) परीक्षा की तैयारी करते हैं. उन्होंने बताया कि इसी मैदान से तैयारी कर कई युवा आज भारतीय सेना एवं अन्य सशस्त्र बलों में देश की सेवा कर रहे हैं.
उपयुक्त मैदान नहीं होने का दावा
प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने कहा कि शहर में फिजिकल अभ्यास के लिए उपयुक्त मैदानों का अभाव है. बीएसएल के अन्य मैदानों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है. उनका आरोप है कि कई मैदानों में असामाजिक तत्वों और शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है. जहां शराब का सेवन करने के बाद बोतलें तोड़कर मैदान में फेंक दी जाती हैं. इससे दौड़ और अन्य शारीरिक अभ्यास करना जोखिम भरा हो जाता है.
मैदान खोलने की मांग
युवाओं ने प्रशासन और बीएसएल प्रबंधन से आग्रह किया कि ट्रेनी हॉस्टल का मैदान प्रतिदिन सुबह और शाम कुछ घंटों के लिए बाहरी खिलाड़ियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए खोला जाए, ताकि वे निर्बाध रूप से अपना नियमित शारीरिक अभ्यास जारी रख सकें.
