Ranchi : उत्पाद सिपाही पेपर लीक मामला के मास्टर माइंड सहित छह आरोपियों को एजेसी योगेश कुमारी की अदालत से जमानत नहीं मिली. कोर्ट ने इन छह आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी. उनमें मास्टर माइंड आशीष कुमार, विकास कुमार, योगेश प्रसाद, रंजीत कुमार उर्फ चुनचुन, गुलाब चंद महतो और बुलबुल पांडेय उर्फ राज शामिल है. उनकी जमानत याचिका पर 29 मई को सुनवाई हुई थी.अदालत ने उस समय फैसला सुरक्षित रख लिया और एक जून को सुनवाई के तारीख तय की थी. सुनवाई के बाद आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी गयी. आरोपियों ने 21 अप्रैल को जमानत याचिका दाखिल की थी. जिस पर पहली सुनवाई 22 अप्रैल को हुई थी.

क्या है पूरा मामला
बताते चलें कि उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा 13 अप्रैल को आयोजित होने वाली थी. 12 अप्रैल की रात अभ्यर्थियों को उत्तर रटवाये जा रहे थे. मामले में अभ्यर्थियों सहित 166 आरोपियों को तमाड़ पुलिस ने रड़गांव से गिरफ्तार किया था. उसमें सरगना सहित पांच मास्टरमाइंड, सात महिला व 152 अभ्यर्थी सहित 164 आरोपी शामिल हैं. जमानत के लिए 78 याचिका दाखिल की गयी थी. अदालत ने सुनवाई के दौरान केस डायरी की मांग की. लेकिन तमाड़ पुलिस ने केस डायरी प्रस्तुत नहीं किया. जिसके कारण सुनवाई तीन बार टल चुकी थी. इस पर अदालत ने अंतिम मौका देते हुए अगली तारीख तक हर हाल में केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. उसके बाद केस डायरी प्रस्तुत किया गया और आरोपियों को जमानत मिल गयी.
रड़गांव के नर्सिंग कॉलेज में हुई थी छापेमारी
तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव स्थित निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज में पुलिस छापेमारी के दौरान इस बड़े रैकेट का खुलासा हुआ था. जांच में सामने आया कि परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को प्रश्नों के उत्तर रटवाए जा रहे थे और संगठित गिरोह इस धांधली को अंजाम दे रहा था. अभ्यर्थियों से परीक्षा के पहले तीन लाख व उसके बाद नियुक्ति के समय 10 लाख रुपये पर देना तय किया गया था. लेकिन रड़गांव में इतनी संख्या लोगों के जमा होने पर ग्रामीणों को नक्सली या आपराधिक गतिविधियों का शक होने पर पुलिस को सुचना दी थी उसके बाद मामले का खुलासा हुआ था.
