EXCLUSIVE : सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव , 5 जिलों से हटेंगे केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल, दूसरे चार जिले में होंगे तैनात, राज्य पुलिस और जैप, IRB संभालेंगे मोर्चा

Saurav Singh Ranchi : झारखंड सरकार राज्य के नक्सल प्रभावित और सुरक्षा व्यवस्था के परिदृश्य को देखते हुए सुरक्षा बलों की तैनाती...

Saurav Singh 

Ranchi : झारखंड सरकार राज्य के नक्सल प्रभावित और सुरक्षा व्यवस्था के परिदृश्य को देखते हुए सुरक्षा बलों की तैनाती में एक बड़ा फेरबदल करने जा रही है. राज्य के पांच जिलों को सुरक्षा संबंधी व्यय (SRE – Security Related Expenditure) योजना से मुक्त कर दिया गया है. इन जिलों से केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों (सीएपीएफ) को हटाकर उन्हें वर्तमान के अधिक संवेदनशील चार एसआरई जिलों में तैनात किया जाएगा. इस पूरी प्रक्रिया के सुचारू संचालन के लिए एक विशेष समिति का गठन भी किया गया है.

इन पांच जिलों से हटेंगे केंद्रीय बल

सरकार के निर्णय के अनुसार, झारखंड के जिन पांच जिलों को एसआरई सूची से मुक्त किया गया है. इन जिलों में –

– गढ़वा
– गिरिडीह
– खूंटी
– लोहरदगा
-सरायकेला

इन जिलों में पहले से तैनात केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की कंपनियों को हटाया जायेगा

मुक्त किए गए जिलों से हटायें जाने वाले केंद्रीय बलों को वर्तमान के उन चार एसआरई जिलों में प्रतिनियुक्त किया जाएगा. जहां सुरक्षा संबंधी जरूरतें ज्यादा हैं. ये जिले हैं –

– चाईबासा
– चतरा
– लातेहार
– बोकारो

खाली हुए पोस्ट और पिकेटों पर राज्य के बल संभालेंगे कमान

केंद्रीय बलों के हटने से गढ़वा, गिरिडीह, खूंटी, लोहरदगा और सरायकेला जिलों के विभिन्न पोस्ट और पिकेट खाली हो जाएंगे. इन खाली जगहों पर नक्सल, अपराध और कानून-व्यवस्था के मौजूदा परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए राज्य के अपने बलों को प्रतिस्थापित किया जाएगा. इनमें जैप, आईआरबी, सैप, एसआईआरबी की बटालियन शामिल है.

समीक्षा के लिए गठित समिति को मिले तीन मुख्य निर्देश

इस पूरे फेरबदल और रणनीति को धरातल पर उतारने के लिए गठित समिति को मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर समीक्षा और आंकलन करने का निर्देश दिया गया है.

केंद्रीय बलों की शिफ्टिंग का आकलन : पांच नन एसआरई जिलों (गढ़वा, गिरिडीह, खूंटी, लोहरदगा और सरायकेला) में पहले से तैनात केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल की कंपनियों को वर्तमान के चार एसआरई जिलों (चाईबासा, चतरा, लातेहार, बोकारो) में प्रतिनियुक्त करने संबंधी आंकलन करना.

स्थानीय बलों की तैनाती का आंकलन : केंद्रीय बलों द्वारा खाली किए गए पोस्ट और पिकेटों में वर्तमान नक्सल, अपराध और विधि-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए जैप आईआरबी, एसआईआरबी, सैप के बलों की प्रतिनियुक्ति के लिए आंकलन करना.

पोस्ट क्लोजर और जिला प्रशासन को सौंपना : सीएपीएफ द्वारा पूर्णत खाली किए गए पोस्ट और पिकेटों को क्लोज करते हुए उन्हें संबंधित जिला प्रशासन को सुपुर्द करने संबंधी आंकलन करना.

 

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