SAURAV SINGH
रांची: राजधानी रांची में सरकारी धन के गबन का एक बड़ा मामला सामने आया है. कांके स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ एनिमल हेल्थ एंड प्रोडक्शन के दो कर्मियों पर वेतन मद में हेरफेर कर करीब 2.94 करोड़ रुपये की अवैध निकासी करने का आरोप लगा है. इस मामले में रांची के डीसी के निर्देश पर कार्यकारी मजिस्ट्रेट मो. जफर हसनात ने कोतवाली थाना प्रभारी को पत्र लिखकर दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है.
मुख्य आरोपी और गबन की गई राशि:
• जांच रिपोर्ट के अनुसार, गबन की इस घटना को दो मुख्य कर्मियों ने अंजाम दिया है.
• मुनिन्द्र कुमार (अकाउंटेंट) इन्होंने अपने दो अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1. 52 करोड़ रूपया की अवैध तरीके से ट्रांसफर किए
• संजीव कुमार : इन्होंने अपने बैंक खाते में 1.41 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए.
जाने कैसे हुआ करोड़ों का खेल?:
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है, कि इन कर्मियों ने वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के दौरान ‘कुबेर पोर्टल पर वेतन बिल में छेड़छाड़ की. आरोपियों ने अपने मूल वेतन में अवैध रूप से वृद्धि दिखाई और निर्धारित सीमा से अधिक राशि सरकारी खजाने (रांची जिला कोषागार) से निकाल ली.
जांच में हुआ बड़ा खुलासा:
मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची डीसी के आदेश पर एक जांच दल का गठन किया गया था. जांच टीम ने 13 अप्रैल को अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें 67 पन्नों के दस्तावेजी साक्ष्य संलग्न किए गए हैं. रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि इन कर्मियों ने मिलीभगत कर सरकारी नियमों को ताक पर रखकर करोड़ों रुपये का चूना लगाया है. कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने कोतवाली थाना को दिए अपने आवेदन में स्पष्ट कहा है कि दोनों आरोपियों के विरुद्ध जालसाजी और सरकारी राशि के गबन के तहत उचित धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की जाए.
