SIMDEGA: आदिवासी बहुल जिला सिमडेगा के किसान अब खेती में नई तकनीक अपनाकर कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने में जुटे हैं. पहले जहां जिले के किसान पारंपरिक खेती तक सीमित थे, अब वे आधुनिक तकनीकों के जरिए अपनी खेती को नया आयाम दे रहे हैं.
पारंपरिक खेती से आधुनिक कृषि की ओर बढ़ते कदम
अब सिमडेगा के किसान पारंपरिक फसलों के साथ-साथ फल, फूल और सब्जियों की खेती भी कर रहे हैं. इससे न सिर्फ उनकी आमदनी बढ़ रही है, बल्कि जिले के कृषि उत्पादन को भी नई पहचान मिल रही है.
कृषि विभाग दे रहा तकनीकी प्रशिक्षण
कृषि विभाग द्वारा किसानों को नई तकनीकों की ट्रेनिंग दी जा रही है. उन्हें कम समय और कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली फसलों की खेती, साथ ही कम पानी में टपक सिंचाई (ड्रिप इरिगेशन) जैसी आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई है.
नई फसलों से बढ़ी किसानों की आय
कृषि विभाग के तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से सिमडेगा के अरुण डुंगडुंग समेत कई किसान अब स्ट्रॉबेरी, शिमला मिर्च और फूलों की खेती कर रहे हैं. नई तकनीकों के इस्तेमाल से कम समय में बेहतर उत्पादन हो रहा है, जिससे किसानों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दे रही है.
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आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा सिमडेगा
जिला कृषि पदाधिकारी माधुरी टोप्पो ने बताया कि फिलहाल कुछ किसान नई तकनीकों के जरिए फल, फूल और सब्जियों की खेती कर रहे हैं. आने वाले समय में अधिक से अधिक किसान इन तकनीकों को अपनाएंगे. इससे सिमडेगा न सिर्फ सब्जी उत्पादन में आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि फूलों की खेती के लिए भी अपनी अलग पहचान बनाएगा.
किसानों की मेहनत से बदलेगी तस्वीर
कृषि विभाग के प्रयास और किसानों की मेहनत से सिमडेगा का कृषि क्षेत्र तेजी से बदल रहा है. आने वाले समय में यह जिला कृषि के क्षेत्र में एक नई मिसाल बन सकता है.
