NEWS DESK: केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) को लेकर इस बार स्थिति सामान्य से अलग नजर आ रही है. आमतौर पर सरकार हर साल मार्च के अंत तक DA बढ़ोतरी की घोषणा कर देती है, लेकिन इस बार अप्रैल का आधा महीना बीत जाने के बाद भी कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है. इसी वजह से कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच असमंजस और चिंता बढ़ गई है.
कर्मचारी संगठनों ने उठाई आवाज
इस देरी को लेकर कर्मचारी संगठनों ने सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग की है. नेशनल काउंसिल–जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने कैबिनेट सचिव को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है. संगठन का कहना है कि लगातार हो रही देरी से कर्मचारियों और पेंशनर्स में नाराजगी बढ़ रही है.
देशभर में विरोध प्रदर्शन
इसी मुद्दे पर Confederation of Central Government Employees & Workers ने 16 अप्रैल को देशभर में लंच-ऑवर प्रोटेस्ट भी किया. इसका उद्देश्य सरकार का ध्यान इस देरी की ओर आकर्षित करना और जल्द निर्णय की मांग करना था.
कितना बढ़ सकता है DA
फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को 58% DA मिल रहा है. महंगाई के ताज़ा आंकड़ों (AICPI-IW) के आधार पर इसमें लगभग 2% की बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है. इसके बाद DA बढ़कर करीब 60% तक पहुंच सकता है. पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत (DR) में भी इसी अनुपात में बढ़ोतरी होने की संभावना है.
सरकार की प्रक्रिया और नियम
सरकार साल में दो बार—जनवरी और जुलाई के लिए—DA बढ़ाती है. इसकी घोषणा अक्सर त्योहारों के आसपास की जाती है. पिछले साल भी मार्च के अंत में बढ़ोतरी की घोषणा हुई थी, जबकि जुलाई की बढ़ोतरी बाद में अक्टूबर में जारी की गई थी.
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देरी की वजह क्या हो सकती है
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार की देरी किसी नीति बदलाव की वजह से नहीं है. यह मुख्य रूप से प्रशासनिक प्रक्रियाओं और मंजूरी के अलग-अलग चरणों के कारण हो रही है. DA तय फॉर्मूले के आधार पर ही निर्धारित होता है, इसलिए इसमें बदलाव की संभावना नहीं होती.
कर्मचारियों को नहीं होगा नुकसान
देरी के बावजूद कर्मचारियों को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा. DA बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी और जब भी इसकी घोषणा होगी, तो पिछली अवधि का एरियर भी कर्मचारियों को एक साथ दिया जाएगा.
