Ranchi : झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चौथा पत्र लिखकर गठबंधन सरकार को उसके चुनावी वादे की याद दिलाई है. पत्र में उन्होंने 2024 विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए 450 रुपये में गैस सिलेंडर देने के वादे पर वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए पुनर्विचार करने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और गठबंधन दलों ने “भरोसा बरकरार, फिर गठबंधन सरकार” नारे के तहत सात पक्के इरादों में गरीब परिवारों को 450 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने का वादा किया था. वित्त मंत्री के मुताबिक राज्य के करीब 31 लाख गरीब परिवारों को इस दर पर सिलेंडर देने से सरकारी खजाने पर हर साल करीब 1,934 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा.

450 रुपये की जगह 200 रुपये सब्सिडी देने का सुझाव
राधाकृष्ण किशोर ने मुख्यमंत्री को एक व्यवहारिक विकल्प सुझाते हुए कहा है कि यदि सरकार प्रत्येक गरीब परिवार को 200 रुपये की सब्सिडी दे, तो राज्य पर सालाना वित्तीय बोझ घटकर लगभग 744 करोड़ रुपये रह जाएगा. इससे 970 रुपये का सिलेंडर उपभोक्ताओं को करीब 770 रुपये में मिल सकेगा, जो आर्थिक रूप से अधिक व्यावहारिक होगा.
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केंद्रीय सहायता में कमी का भी किया जिक्र
पत्र में वित्त मंत्री ने केंद्र सरकार से मिलने वाली सहायता में कमी का मुद्दा भी उठाया और राज्य की सीमित वित्तीय क्षमता का जिक्र किया. उन्होंने संकेत दिया कि सरकार को चुनावी वादों और वित्तीय संतुलन के बीच व्यावहारिक निर्णय लेना होगा. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार अपने “पक्के इरादे” को पूरा करने के लिए बड़ा आर्थिक जोखिम उठाती है या फिर सब्सिडी के माध्यम से बीच का रास्ता अपनाती है.
