News Desk: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के लिए आज विधानसभा में बहुमत साबित करने का दिन है. उन्हें विश्वास मत हासिल करने के लिए 122 विधायकों के समर्थन की जरूरत है, जबकि एनडीए के पास 201 विधायक हैं. ऐसे में सरकार के लिए यह प्रक्रिया काफी आसान मानी जा रही है.
सरकार को पूरा भरोसा
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि विश्वास मत को लेकर कोई चिंता नहीं है. उन्होंने कहा कि एनडीए के सभी सहयोगी दल भाजपा, जदयू, लोजपा (रामविलास), रालोमो और हम के विधायक सदन में मौजूद रहेंगे और सरकार को पूरा समर्थन देंगे.
6 महीने में दूसरी बार विश्वास मत
पिछले छह महीनों में यह दूसरी बार है जब राज्य की एनडीए सरकार बहुमत साबित करेगी. इससे पहले दिसंबर 2025 में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी सरकार ने विश्वास मत हासिल किया था. अब सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई सरकार फिर से सदन का भरोसा जीतने जा रही है.
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15 अप्रैल को ली थी शपथ
सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. उनके साथ जदयू कोटे से बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी ने उपमुख्यमंत्री पद संभाला. शपथ लेने के बाद से ही मुख्यमंत्री लगातार सक्रिय हैं और जनता की समस्याओं पर फोकस कर रहे हैं.
दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात
मुख्यमंत्री ने हाल ही में दिल्ली दौरे के दौरान नरेंद्र मोदी और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की. इस मुलाकात को राज्य के विकास और केंद्र के सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
वित्त और संसाधनों पर खास जोर
गुरुवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में वित्त और आंतरिक संसाधन विभागों की समीक्षा बैठक हुई. उन्होंने अधिकारियों को राजस्व बढ़ाने के नए स्रोत तलाशने और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए. साथ ही यह भी कहा कि सरकार द्वारा तय किए गए लक्ष्यों को समय पर पूरा करना बेहद जरूरी है. राज्य का बजट लगातार बढ़ रहा है और विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है.
