Bokaro: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के निदेशक शशि प्रकाश झा ने बोकारो स्थित पंचकर्म सह सेवा केंद्र एवं झारखंड सरकार के नवनिर्मित बाउंड्री परिसर का निरीक्षण किया. इस दौरान स्वदेशी जागरण मंच, कृषि प्रकोष्ठ द्वारा विकसित किए जा रहे आयुर्वेदिक औषधीय उद्यान का जायजा लिया. इसकी सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में देश के प्रत्येक राज्य के प्रत्येक जिले में इसी प्रकार के औषधीय उद्यान विकसित किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि ऐसे उद्यान न केवल आयुर्वेदिक एवं औषधीय पौधों के संरक्षण में सहायक होंगे, बल्कि आम लोगों को औषधीय गुणों एवं उपयोग की जानकारी भी उपलब्ध हो सकेगी. कहा कि आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ आयुर्वेदिक उपचार पद्धति एवं प्राकृतिक औषधियों का ज्ञान भी आवश्यक है, क्योंकि कई उपयोगी औषधीय पौधे हमारे आसपास सहज रूप से उपलब्ध हैं.
मछली पालन व जोंक पालन की योजना की दी जानकारी
इस अवसर पर आयुष पदाधिकारी डॉ. विक्रम ने वहां जोंक पालन (Leech Therapy) के साथ मछली पालन की योजना की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि जोंक आयुर्वेदिक चिकित्सा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जबकि मछलियां मच्छरों के लार्वा को खाकर उनके प्रजनन को रोकने में सहायक होंगी.
28 अन्य आयुष अस्पताल बनाने की योजना
निदेशक ने बताया कि बोकारो जिले में अब तक 10 आयुष अस्पताल स्थापित किए जा चुके हैं तथा 28 नए आयुष अस्पतालों का निर्माण प्रस्तावित है. निरीक्षण के दौरान मंच के स्वदेशी कृषि प्रकोष्ठ झारखंड के प्रमुख ए.के. सिन्हा, बोकारो प्रमुख मनीष कुमार श्रीवास्तव, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि (पेड़ उपक्रम) के प्रमुख राजेंद्र तिवारी, सीएसआर प्रतिनिधि आकर्ष पांडेय, वेद प्रकाश सिंह (WADI), दिव्यार्थी की प्रमुख आरती सिन्हा, सरिता श्रीवास्तव, जिला आयुष पदाधिकारी डॉ. शिव शंकर पांडेय, डीपीएम मयंक मंजुल, जिला महामारी विशेषज्ञ पवन श्रीवास्तव, पतंजलि जिला संयोजक धीरेन प्रसाद रजवार, आयुष आचार्य सुदर्शन, आयुष स्टोर इंचार्ज अभय कुमार, संत कुमार, आयुष मेंटर बिमल कुमार मिश्रा, योग शिक्षक दयानंद परमार एवं गौरी शंकर सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे.
