Giridih: गिरिडीह जिला के पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता व्यवस्था और अपशिष्ट प्रबंधन को बेहतर बनाने को लेकर जिला प्रशासन गंभीर है. इसी क्रम में शुक्रवार को मधुबन गेस्ट हाउस में अनुमंडल पदाधिकारी, डुमरी की अध्यक्षता में स्थानीय जैन धर्मशाला, ट्रस्ट एवं विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में Grey Water Management के साथ-साथ Solid Waste Management की वर्तमान व्यवस्था, संस्थाओं द्वारा किए जा रहे उपायों तथा भविष्य की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई. बैठक में प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, धनबाद के क्षेत्र पदाधिकारी ने Grey Water के वैज्ञानिक एवं समुचित प्रबंधन की जानकारी दी. साथ ही Solid एवं Wet Waste को अलग-अलग रखने, उसके संग्रहण, परिवहन एवं निर्धारित तरीके से निस्तारण को लेकर आवश्यक तकनीकी जानकारी साझा की गई. अधिकारियों ने संस्थाओं के प्रतिनिधियों को पर्यावरणीय मानकों तथा सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का हर हाल में पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

संस्थाओं की मौजूदा व्यवस्थाओं की हुई समीक्षा
बैठक के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी डुमरी ने विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों से उनके परिसरों में Grey Water और ठोस कचरे के प्रबंधन को लेकर वर्तमान में अपनाई जा रही व्यवस्था की जानकारी ली. इस दौरान कचरा संग्रहण, गीले एवं सूखे कचरे का पृथक्करण, जल निकासी, अपशिष्ट के निस्तारण तथा परिसर की स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा की गई. अधिकारियों ने कहा कि किसी भी संस्थान से निकलने वाले अपशिष्ट का अनियंत्रित तरीके से निस्तारण पर्यावरण और आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है. ऐसे में कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करना आवश्यक है. संस्थाओं को अपने परिसरों में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने तथा उसके निर्धारित तरीके से निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया.
श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए तैयारी जरूरी
बैठक में प्रशासन की ओर से कहा गया कि मधुबन क्षेत्र में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की आवाजाही लगातार बनी रहती है. ऐसे में यहां स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था सामान्य क्षेत्रों की तुलना में और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित होना जरूरी है. प्रशासन ने संस्थाओं को निर्देश दिया कि अपने-अपने परिसरों में उत्पन्न होने वाले Grey Water का उचित प्रबंधन करें और ठोस कचरे को खुले में नहीं फेंका जाए. Wet और Dry Waste के पृथक्करण के साथ उसके सुरक्षित संग्रहण एवं निर्धारित स्थान पर निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. इसके अलावा जल निकासी की व्यवस्था को भी दुरुस्त रखने पर जोर दिया गया.
पर्यावरण संरक्षण के लिए समन्वित प्रयास पर जोर
बैठक में प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण पर्षद और संबंधित संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर स्वच्छ, सुरक्षित एवं पर्यावरण अनुकूल व्यवस्था विकसित करने पर बल दिया गया. प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अधिकारियों ने अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े पर्यावरणीय मानकों और तकनीकी पहलुओं की जानकारी देते हुए संस्थाओं को आवश्यक सावधानियों से अवगत कराया. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें संबंधित संस्थाओं और आम लोगों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है. सभी संस्थाओं से नियमों का पालन करते हुए अपने परिसरों में प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था लागू करने की अपील की गई. बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी, डुमरी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, पीरटांड़, अंचल अधिकारी, पीरटांड़, प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, धनबाद के क्षेत्र पदाधिकारी सहित जैन धर्मशाला, ट्रस्ट एवं विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद थे. प्रशासन ने उम्मीद जताई कि सभी संबंधित संस्थाओं के सहयोग से मधुबन क्षेत्र में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा.

