Gumla: सड़क हादसों को रोकने के लिए गुमला जिला प्रशासन ने जागरूकता अभियान को एक नई दिशा दी है. कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में आयोजित सड़क सुरक्षा शिविर में 291 छात्राओं ने अपने माता-पिता और परिजनों की सुरक्षा का संकल्प लिया.
बेटियों ने दिया भावुक संदेश
शिविर में जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) सत्येंद्र महतो ने छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि कई बार लोग जुर्माने के डर से नहीं, बल्कि अपनों की चिंता से नियमों का पालन करते हैं. इसके बाद छात्राओं ने संकल्प लिया कि वे अपने घर में कहेंगी- “पापा और भैया, अगर आप मुझसे प्यार करते हैं तो बिना हेलमेट के घर से बाहर न निकलें.”
गोल्डन ऑवर और कैशलेस इलाज की जानकारी
कार्यक्रम में छात्राओं को दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे यानी गोल्डन ऑवर के महत्व और हिट एंड रन मामलों में सरकार की कैशलेस उपचार योजना की जानकारी दी गई. साथ ही बाइक पर पीछे बैठने वालों के लिए भी हेलमेट जरूरी बताया गया.
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बेटियां बनेंगी सुरक्षा दूत
DC दिलेश्वर महतो के निर्देश पर आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को यातायात नियमों और डिजिटल साक्षरता की जानकारी दी गई. अंत में विद्यालय की 398 छात्राओं ने शपथ लेकर गुमला को दुर्घटना मुक्त बनाने में योगदान देने का संकल्प लिया.
