Hazaribagh: शहर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण माने जाने वाले जिला परिषद चौक यानी डिस्ट्रिक्ट बोर्ड चौक से आरोग्यं हॉस्पिटल के बीच की मुख्य सड़क इन दिनों वाहनों के लिए एक खतरनाक जोन और हादसों का नया केंद्र बनती जा रही है. आज यहां एक बार फिर उस वक्त बड़ा हड़कंप मच गया, जब एक तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित होकर देर रात सड़क के बीचों-बीच बने ऊंचे डिवाइडर पर सीधे जा चढ़ी. गनीमत रही कि कार पलटी नहीं जिससे एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया. घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की मदद से कार को डिवाइडर से सुरक्षित नीचे उतारा गया. इस दौरान कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा और आने-जाने वाले राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
20 दिनों में तीसरा हादसा, सवालों के घेरे में सिस्टम
आंकड़ों पर नजर डालें, तो पिछले महज 20 दिनों के भीतर इसी पैच पर बीच डिवाइडर पर वाहन चढ़ने का यह तीसरा बड़ा हादसा है. पहले एक कार बीच डिवाइडर पर चढ़ी, फिर एक अनियंत्रित ट्रक इसी बीच डिवाइडर का शिकार हुआ और आज फिर एक कार इसके ऊपर जाकर अटक गई. लगातार हो रहे इन हादसों ने अब जिला प्रशासन, पथ निर्माण विभाग और नगर निगम की कार्यशैली पर बेहद गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

रात के अंधेरे में ‘अदृश्य’ हो जाता है बीच का डिवाइडर
जब स्थानीय लोगों और जानकारों से इसकी वजह पूछी गई, तो सड़क और डिवाइडर के निर्माण में कई चौंकाने वाली तकनीकी कमियां और प्रशासनिक लापरवाही सामने आई. इस पूरे मार्ग पर सबसे बड़ी लापरवाही यह है कि बीच डिवाइडर के शुरुआती और मोड़ों वाले हिस्सों पर न तो रेडियम रिफ्लेक्टर यानी चमकने वाली पट्टियां लगाई गई हैं और न ही रात को जलने वाली ब्लिंकर लाइटें काम कर रही हैं. इसके साथ ही डिवाइडर पर किया गया ब्लैक एंड व्हाइट पेंट भी पूरी तरह से मिट चुका है और धूल जमने के कारण यह रात के अंधेरे में बिल्कुल सड़क के रंग जैसा ही नजर आता है.
खतरनाक टर्न पर न स्पीड ब्रेकर है न कोई चेतावनी बोर्ड
जिला परिषद चौक से आगे बढ़ते ही सड़क का डिजाइन कुछ इस तरह का है कि वहां अचानक से टर्न आता है, लेकिन वहां स्पीड ब्रेकर या आगे डिवाइडर होने का कोई भी चेतावनी साइन बोर्ड नहीं लगाया गया है. रात के समय जब सामने से आने वाले वाहनों की तेज रोशनी चालकों की आंखों पर पड़ती है, तो उन्हें बीच में बना यह ऊंचा डिवाइडर दिखाई ही नहीं देता और गाड़ियां सीधे इसके ऊपर चढ़ जाती हैं, जिससे गाड़ी के परखच्चे उड़ जाते हैं.
किसी बड़ी जानलेवा अनहोनी का इंतजार कर रहा है विभाग?
लगातार हो रहे हादसों से स्थानीय दुकानदार और अस्पताल आने वाले मरीज व उनके परिजन बेहद डरे हुए हैं. लोगों का कहना है कि यह तो किस्मत अच्छी है कि इन तीनों हादसों में अब तक किसी की जान नहीं गई और बड़ा नुकसान टल गया, लेकिन क्या प्रशासन और संबंधित विभाग किसी बड़ी खूनी अनहोनी या किसी मासूम की मौत के बाद ही कुंभकर्णी नींद से जागेंगे?
स्थानीय जनता ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मार्ग का तुरंत सर्वे कराया जाए, बीच डिवाइडर पर रिफ्लेक्टर व चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त किया जाए, ताकि हर दिन हो रहे इन हादसों पर तुरंत लगाम लगाई जा सके.


