Click Here
Click Here
Click Here

हजारीबाग: बेसहारा मरीजों के सम्मानजनक इलाज के लिए मेडिकल कालेज में अलग वार्ड की मांग हुई तेज

Hazaribagh: किसी भी सभ्य समाज की पहचान उसके सबसे कमजोर और असहाय लोगों के प्रति संवेदनशीलता से होती है. इसी मानवीय सोच...

बेसहारा मरीजों के सम्मानजनक इलाज के लिए मेडिकल कालेज में अलग वार्ड की मांग हुई तेज

Hazaribagh: किसी भी सभ्य समाज की पहचान उसके सबसे कमजोर और असहाय लोगों के प्रति संवेदनशीलता से होती है. इसी मानवीय सोच को आगे बढ़ाते हुए हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट ने शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में अनाथ, लावारिस एवं बेसहारा मरीजों के लिए अलग विशेष वार्ड स्थापित करने की मांग एक बार फिर प्रमुखता से उठाई है. ट्रस्ट का कहना है कि समाज और जागरूक नागरिक जब किसी मानवीय मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज़ उठाते हैं, तो व्यवस्था भी सकारात्मक बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाने को मजबूर होती है. संस्था ने बताया कि कुछ समय पहले अस्पताल में उपेक्षा का शिकार रहे एक अज्ञात बेसहारा वृद्ध की स्थिति अब पहले से काफी बेहतर है. उन्हें नियमित उपचार, देखभाल और संरक्षण मिल रहा है. ट्रस्ट के सदस्य समय-समय पर अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल लेते हैं और उनके स्वास्थ्य में हो रहे सुधार को मानवता की जीत मानते हैं.

एक व्यक्ति नहीं, संवेदनशील समाज की जीत

हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट का कहना है कि यह केवल एक मरीज की सहायता की कहानी नहीं, बल्कि संवेदनशील समाज और सामूहिक प्रयासों की सफलता का उदाहरण है. यदि समाज और प्रशासन मिलकर आगे आएं तो किसी भी बेसहारा व्यक्ति को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा.

विशेष वार्ड की आवश्यकता पर दिया जोर

संस्था का कहना है कि वर्तमान में अस्पताल में अनाथ, लावारिस और असहाय मरीजों के लिए कोई समर्पित वार्ड नहीं है. ऐसे में इन मरीजों को इलाज, सुरक्षा और नियमित देखभाल में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ट्रस्ट ने अस्पताल प्रबंधन और जिला प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मरीजों के लिए अलग विशेष वार्ड बनाया जाए, जहां उन्हें सम्मानजनक वातावरण में बेहतर चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा और आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराई जा सके.

समाज से भी की सहयोग की अपील

हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट ने आम नागरिकों से भी इस मानवीय पहल में सहयोग करने की अपील की है. संस्था का कहना है कि हर जरूरतमंद व्यक्ति सम्मान, उपचार और अपनापन पाने का अधिकार रखता है. यही सच्ची मानवता और एक संवेदनशील समाज की सबसे बड़ी पहचान है.

ALSO READ : ट्रंप ने कहा- ‘ईरान से बातचीत के सारे दरवाजे बंद’, ‘बीमार लोग’ कहकर खत्म की न्यूक्लियर डील की उम्मीद

WhatsApp-Image-2026-06-15-a
सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *