News Wave Desk: वैश्विक कूटनीति के मंच पर एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर अपने अब तक के सबसे आक्रामक और कड़े रुख का एलान करते हुए न्यूक्लियर डील की तमाम संभावनाओं को हमेशा के लिए दफन कर दिया है. ट्रंप ने न सिर्फ ईरान के साथ किसी भी तरह के समझौते या डील से साफ इनकार किया, बल्कि ईरानी नेतृत्व और वहां के नीति-नियंताओं को बीमार लोग कहकर संबोधित किया. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक समुदाय मध्य पूर्व में शांति बहाली की उम्मीद कर रहा था, लेकिन इस ‘बयानवीर’ प्रहार ने पूरी दुनिया को एक नए भू-राजनीतिक तनाव मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है.
यह भी पढ़ें: बांकीपुर उपचुनाव: PK का मास्टरस्ट्रोक, क्या ढहेगा बीजेपी का अभेद्य किला?

वाशिंगटन से आया ‘नो डील’ का फरमान
पिछले कुछ हफ्तों से पर्दे के पीछे चल रही कूटनीतिक कोशिशों और बातचीत के दावों पर ट्रंप ने अपने चिर-परिचित अंदाज में पानी फेर दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पष्ट कर दिया है कि वह ईरान की मौजूदा शर्तों या ब्लैकमेलिंग के आगे झुकने वाले नहीं हैं. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान के साथ अब किसी भी तरह की परमाणु संधि या आर्थिक पैकेज की गुंजाइश खत्म हो चुकी है. ट्रंप के इस रुख से साफ है कि अमेरिका अब ईरान पर पहले से भी ज्यादा सख्त आर्थिक और सैन्य पाबंदियां लगाने की दिशा में आगे बढ़ेगा.
‘बीमार लोग’ कहकर ट्रंप ने छेड़ी नई जुबानी जंग
ट्रंप ने केवल नीतिगत फैसला ही नहीं सुनाया, बल्कि उनके तीखे शब्दों ने ईरान के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है. ईरानी हुक्मरानों को ‘बीमार’ और ‘अविश्वसनीय’ करार देकर उन्होंने यह संदेश दिया है कि तेहरान के वादों पर भरोसा करना अमेरिका की बड़ी भूल होगी. ट्रंप का यह तीखा हमला ईरान की हालिया सैन्य गतिविधियों और परमाणु संवर्धन को लगातार बढ़ाने के जवाब के रूप में देखा जा रहा है. इस तीखी बयानबाजी के बाद अब तेहरान की ओर से भी जवाबी पलटवार की पूरी आशंका है.
यह भी पढ़ें: Google ने बदली बैकअप पॉलिसी, Android यूजर्स पर पड़ेगा सीधा असर
महायुद्ध के मुहाने पर मध्य पूर्व
परमाणु समझौते की उम्मीदें पूरी तरह खत्म होने के बाद अब मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंचना तय माना जा रहा है. विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप के इस कड़े फैसले से ईरान और आक्रामक रुख अख्तियार कर सकता है, जिससे इजरायल-ईरान और अमेरिका-ईरान के बीच सीधे टकराव का खतरा और गहरा गया है. नो डील के इस नए अमेरिकी अध्याय ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में बंदूकें शांत होने के बजाय और तेज गरजेंगी.


