Hazaribagh: नगर निगम हजारीबाग के सभागार में शनिवार को सहायक नगर आयुक्त की अध्यक्षता में नगर निगम क्षेत्र में संचालित आरओ वाटर प्लांट एवं जल उपचार संयंत्रों के संचालकों के साथ बैठक हुई. बैठक में संचालकों को आरओ वाटर प्लांट के संचालन से संबंधित नियमों और अनुज्ञप्ति की अनिवार्यता की जानकारी दी गई.

31 अगस्त तक कराना होगा पंजीकरण
नगर निगम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि निगम क्षेत्र में संचालित सभी आरओ वाटर प्लांट के लिए नगर निगम से अनुज्ञप्ति/पंजीकरण प्राप्त करना अनिवार्य है. सभी संचालकों को 31 अगस्त 2026 तक पंजीकरण एवं अनुज्ञप्ति की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है. निर्धारित समय-सीमा में पंजीकरण नहीं कराने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
देने होंगे ये दस्तावेज
बैठक में अनुज्ञप्ति के लिए आवश्यक दस्तावेजों की भी जानकारी दी गई. संचालकों को आवेदन पत्र के साथ आधार कार्ड अथवा फर्म के पंजीकरण संबंधी दस्तावेज, अद्यतन विद्युत बिल, होल्डिंग टैक्स की रसीद, केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (CGWA) का NOC तथा वर्षा जल संचयन संरचना से संबंधित विवरण उपलब्ध कराने को कहा गया.
पांच हजार रुपये अनुज्ञप्ति शुल्क
नगर निगम के अनुसार आरओ वाटर प्लांट की अनुज्ञप्ति के लिए 5,000 रुपये शुल्क निर्धारित है, जबकि प्रत्येक वर्ष अनुज्ञप्ति के नवीनीकरण के लिए 20,000 रुपये वार्षिक शुल्क देना होगा. अनुज्ञप्ति का हर वर्ष नवीनीकरण कराना अनिवार्य होगा.
बिना लाइसेंस संचालन पर 50 हजार तक जुर्माना
नगर निगम ने संचालकों को चेतावनी दी कि बिना वैध अनुज्ञप्ति के आरओ वाटर उपचार संयंत्र संचालित पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. ऐसे मामलों में 50 हजार रुपये तक का दंड लगाए जाने का प्रावधान है.
बैठक में संचालकों को झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 की धारा 204 एवं 209 तथा ‘पेयजल और रिवर्स ऑस्मोसिस (RO) वाटर उपचार संयंत्र संचालन एवं अनुज्ञप्ति नियमावली, 2024’ के प्रावधानों की जानकारी दी गई. नगर निगम ने सभी संचालकों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर पंजीकरण कराने और नियमों एवं शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील की.

