Hazaribagh: बदलते मौसम के साथ हजारीबाग में सर्दी, बुखार और वायरल संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है. इसका असर शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की ओपीडी पर भी दिख रहा है. प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं. दूसरी ओर, अस्पताल में जरूरी दवाओं की उपलब्धता को लेकर मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी बढ़ गई है.

OPD में बढ़ी मरीजों की भीड़
मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण सर्दी, खांसी, बुखार, बदन दर्द और वायरल संक्रमण की शिकायत लेकर मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं. ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ने से पंजीकरण, जांच और चिकित्सकीय परामर्श के लिए भीड़ लग रही है. डॉक्टर मरीजों की जांच के बाद दवाएं लिख रहे हैं, लेकिन अस्पताल की दवा वितरण व्यवस्था में सभी जरूरी दवाएं उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
जरूरी दवाएं नहीं मिलने से बाहर का रुख
मरीजों और परिजनों का कहना है कि अस्पताल में दवा नहीं मिलने पर उन्हें मजबूरी में निजी मेडिकल दुकानों से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं. आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह अतिरिक्त खर्च परेशानी बढ़ाने वाला है.सर्दी-बुखार जैसे सामान्य रोगों में इस्तेमाल होने वाली पैरासिटामोल, कफ सिरप, एंटीहिस्टामिन,ओआरएस और अन्य जरूरी दवाओं की उपलब्धता को लेकर मरीजों ने सवाल उठाए हैं.
भर्ती मरीजों के परिजन भी परेशान
दवा की उपलब्धता को लेकर परेशानी केवल ओपीडी तक सीमित नहीं है. अस्पताल के विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों के परिजन भी जरूरी दवाओं के लिए बाहर की दुकानों का रुख करने को मजबूर होने की शिकायत कर रहे हैं. परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में इलाज कराने का मुख्य उद्देश्य कम खर्च में बेहतर चिकित्सा सुविधा पाना है. ऐसे में अस्पताल के स्टॉक में दवाएं उपलब्ध नहीं होने पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता है.
दवा स्टॉक की नियमित निगरानी की जरूरत
अस्पताल में मौसम के अनुसार मरीजों की संख्या और सामान्य बीमारियों के बढ़ने का अनुमान पहले से रहता है. ऐसे में जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखना और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करना जरूरी है. मरीजों की मांग है कि अस्पताल प्रबंधन दवा स्टॉक की नियमित समीक्षा करे और जिन दवाओं की कमी है, उनकी तत्काल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को इलाज के साथ जरूरी दवाएं भी अस्पताल से ही मिल सकें.अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि बदलते मौसम में वायरल संक्रमण और मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ना सामान्य है. ऐसे में दवा की उपलब्धता बनाए रखना जरूरी है. यदि किसी दवा का स्टॉक कम है तो उसकी आपूर्ति की प्रक्रिया समय रहते पूरी की जानी चाहिए.
AlsoRead:हजारीबाग: पार्किंग नहीं तो सड़क ही सही! बैंक के सामने वाहनों का जमावड़ा, हादसे को दे रहा न्योता

