Hazaribagh: पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिले के सभी पुलिस उपाधीक्षकों, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों, पुलिस निरीक्षकों और थाना प्रभारियों के साथ मासिक अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में कानून-व्यवस्था, लंबित मामलों के निष्पादन, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, अवैध खनन और संगठित अपराध पर व्यापक समीक्षा की गई. पुलिस अधीक्षक ने सभी अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने और अपराध नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया.बैठक की शुरुआत में पुलिस अधीक्षक ने बकरीद एवं मुहर्रम पर्व को जिले में शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए सभी पुलिस अधिकारियों और जवानों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि आगामी सभी त्योहारों में भी इसी तरह सतर्कता, समन्वय और संवेदनशीलता के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखी जाए.
बेहतर कार्य करने वाले पुलिसकर्मी हुए सम्मानित
बैठक के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस पदाधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. पुलिस अधीक्षक ने सभी अधिकारियों को बेहतर कार्य संस्कृति अपनाने और जनता के बीच पुलिस की सकारात्मक छवि मजबूत करने का आह्वान किया.महिला अत्याचार, छेड़खानी, दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया. ऐसे सभी लंबित मामलों में त्वरित अनुसंधान कर 60 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके. पुलिस अधीक्षक ने वर्ष 2025 से पूर्व दर्ज सभी लंबित कांडों की समीक्षा करते हुए उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निष्पादित करने का निर्देश दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि पुराने मामलों के लंबित रहने से न्याय प्रक्रिया प्रभावित होती है, इसलिए इन पर विशेष ध्यान दिया जाए.
जून में दर्ज हुए 357 मामले, 710 कांडों का हुआ निष्पादन
अपराध समीक्षा के दौरान जिले के कार्यों का आंकड़ा भी प्रस्तुत किया गया. जून 2026 में जिले के विभिन्न थानों में 357 नए कांड दर्ज हुए, जबकि 710 कांडों का निष्पादन किया गया. इसके अलावा 1052 वारंट एवं कुर्की-जब्ती का निष्पादन किया गया. पुलिस ने 215 चरित्र सत्यापन और 1306 पासपोर्ट सत्यापन की प्रक्रिया भी पूरी की.सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया कि जमानती एवं गैर-जमानती वारंट, इश्तेहार और कुर्की-जब्ती से जुड़े लंबित मामलों के निष्पादन के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और फरार आरोपियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
हर सप्ताह होगा थाना दिवस, जमीन विवादों का होगा समाधान
पुलिस अधीक्षक ने सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों और थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक सप्ताह थाना दिवस का आयोजन किया जाए. इस दौरान स्थानीय अंचलाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर भूमि विवादों का मौके पर समाधान किया जाए. साथ ही साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा और सड़क सुरक्षा को लेकर आम लोगों के बीच जागरूकता अभियान भी चलाया जाए. बैठक में अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए. ऐसे स्थानों की पहचान कर विशेष अभियान चलाते हुए इसमें शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने को कहा गया.
अवैध खनन और संगठित अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक ने संगठित अपराध गिरोहों, अवैध खनन में संलिप्त व्यक्तियों तथा सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए. ऐसे लोगों के विरुद्ध सीसीए, थाना हाजिरी और गुंडा पंजी की कार्रवाई का प्रस्ताव भेजने को कहा गया.इसके साथ ही अवैध कोयला, बालू और पत्थर उत्खनन पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए संबंधित अंचल अधिकारियों और जिला खनन पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त अभियान चलाने का निर्देश दिया गया. सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि साइबर अपराध से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करें तथा साइबर ठगी में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करें. आम नागरिकों को साइबर अपराध से बचाव के लिए लगातार जागरूक करने पर भी जोर दिया गया.
जन शिकायतों के त्वरित समाधान पर जोर
बैठक में सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया कि थानों में आने वाले आम लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाए और उनका समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से समाधान सुनिश्चित किया जाए.पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिया कि पिछले पांच वर्षों में जेल से रिहा हुए सभी अपराधियों की सूची तैयार कर उनकी गतिविधियों पर नियमित निगरानी रखी जाए, ताकि दोबारा अपराध की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके.
कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर विशेष जोर
अपराध समीक्षा बैठक में पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण, त्वरित अनुसंधान, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध पर अंकुश, अवैध खनन की रोकथाम और जनता के साथ बेहतर पुलिसिंग जिला पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं. सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर लंबित मामलों का निष्पादन कर कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाएं.
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