Ranchi: ओडिशा के राज्यपाल और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की हालिया दिल्ली और उत्तर प्रदेश यात्रा ने झारखंड के राजनीतिक गलियारों हलचल पैदा कर दी है. देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनकी बैक-टू-बैक मुलाकातों को महज शिष्टाचार भेंट नहीं माना जा रहा है. कयास लगाए जा रहे हैं कि इन मुलाकातों के पीछे झारखंड विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी का कोई बड़ा और गुप्त मास्टर प्लान हो सकता है.
भविष्य की रणनीति पर मंथन
राजनीति के जानकारों का मानना है कि रघुवर दास की इस सक्रियता का सीधा संबंध झारखंड में बीजेपी के चुनावी समीकरणों को मजबूत करने से है. राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ जैसे कद्दावर नेताओं के साथ उनकी लंबी चर्चा इस बात की ओर इशारा करती है कि बीजेपी शीर्ष नेतृत्व राज्य में गैर-आदिवासी वोटों को एकजुट करने और संगठन को नई धार देने के लिए रघुवर दास के अनुभव का उपयोग करना चाहता है.
कार्यकर्ताओं में नया जोश
इस राजनीतिक सक्रियता ने झारखंड में उनके समर्थकों और बीजेपी कार्यकर्ताओं के भीतर एक नई ऊर्जा भर दी है. राज्य में होने वाले आगामी चुनावों से ठीक पहले इस तरह की हाई-प्रोफाइल मुलाकातें यह साफ संकेत दे रही हैं कि झारखंड की राजनीति में रघुवर फैक्टर को नजरअंदाज करना किसी भी दल के लिए मुमकिन नहीं होगा.
