Koderma: मरकच्चो प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में पेयजल संकट दूर करने के लिए 2016-2017 में 14वें वित्त आयोग की राशि से खरीदे गए पानी के टैंकर आज शोपीस बनकर रह गए हैं. रखरखाव के अभाव और संचालन व्यवस्था नहीं होने के कारण अधिकांश टैंकर पंचायत परिसरों में जंग खा रहे हैं. योजना का उद्देश्य गर्मी में पेयजल संकट वाले गांवों तक पानी पहुंचाना था, लेकिन मामूली तकनीकी खराबी और चालक व ईंधन की व्यवस्था नहीं होने से टैंकरों का उपयोग ही नहीं हो पा रहा है. नतीजतन लाखों रुपये खर्च कर खरीदे गए ये संसाधन बेकार पड़े हैं और सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंच रहा.
ग्रामीणों ने की प्रशासन से मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी आते ही कई गांवों में पानी की किल्लत गहरा जाती है. यदि टैंकरों का नियमित संचालन होता तो जरूरतमंद टोलों तक आसानी से पानी पहुंचाया जा सकता था. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है, कि पंचायतों में पड़े इन टैंकरों की जांच कर उन्हें अविलंब मरम्मत कराकर चालू किया जाए. साथ ही प्रत्येक पंचायत में संचालन के लिए चालक और समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. लोगों का कहना है कि सरकारी राशि से खरीदे गए संसाधनों का समय पर उपयोग हो, तभी योजनाओं का वास्तविक लाभ आम जनता तक पहुंच पाएगा.
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