Hazaribagh: हजारीबाग से रांची, पटना, कोलकाता, वाराणसी, दिल्ली, रायपुर समेत कई राज्यों के लिए चलने वाली निजी लंबी दूरी की बसों में यात्रियों की सुरक्षा को दरकिनार कर पार्सल ढुलाई का खेल जारी है. हालात यह हैं कि कई बसों में यात्रियों से ज्यादा सामान लादा जा रहा है.
बस स्टैंड से रवाना होने वाली इन बसों में छत पर क्षमता से अधिक पार्सल लोड किए जा रहे हैं, जबकि नीचे बने लगेज बॉक्स पूरी तरह बड़े-बड़े कार्टन और व्यावसायिक सामान से भरे रहते हैं. कई बार यात्रियों को अपना सामान बस के अंदर ही रखना पड़ता है.

बसें बनीं मालवाहक वाहन
जानकारी के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक सामान, कपड़े के कार्टन, मशीनरी पार्ट्स और अन्य व्यावसायिक पार्सल नियमित रूप से बसों में लोड किए जा रहे हैं. इससे बसों को यात्रियों के बजाय मालवाहक वाहन की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि अधिक वजन से बस का संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है. वहीं आपात स्थिति में भारी सामान यात्रियों के सुरक्षित बाहर निकलने में भी बाधा बन सकता है.

नियमों की अनदेखी और जांच पर सवाल
यात्रियों का कहना है कि बसों में लोड होने वाले पार्सलों की ठीक से जांच नहीं होती. क्या सामान अंदर रखा जा रहा है, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं. परिवहन विभाग की नियमित निगरानी नहीं होने से यह अवैध कारोबार लगातार जारी है. स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.
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