Ranchi: झारखंड व्यावसायिक प्रशिक्षक संघ के बैनर तले राज्यभर के प्रशिक्षक अपनी लंबित मांगों को लेकर 8 जून से 15 जून तक राजभवन के समीप धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. रविवार को भी उनका आंदोलन जारी रहा. तेज धूप, आंधी और बारिश के बावजूद प्रशिक्षक धरना स्थल पर डटे रहे. प्रशिक्षकों का कहना है कि उन्हें पिछले 13 माह से वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके परिवार गंभीर आर्थिक संकट में हैं. कई घरों में राशन, किराया, बिजली बिल और दवाइयों तक की समस्या उत्पन्न हो गई है.
संघ के अनुसार, राज्य के सरकारी प्लस टू विद्यालयों में लगभग 2000 व्यावसायिक प्रशिक्षक आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत हैं. इनमें से 2024-25 सत्र के प्रशिक्षकों का 13 माह और समग्र शिक्षा योजना के तहत कार्यरत प्रशिक्षकों का 6 माह का मानदेय बकाया है.

संघ ने लगाए कई आरोप
प्रशिक्षकों ने कहा कि वे पिछले 10 वर्षों से सेवा दे रहे हैं, लेकिन पिछले 8 वर्षों से मानदेय में कोई वृद्धि नहीं हुई है. वर्तमान में उन्हें केवल 20 हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं, जबकि अन्य राज्यों में यह राशि 35 से 38 हजार रुपये तक है. संघ ने आरोप लगाया कि कई बार विभाग और संबंधित संस्थानों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला. उन्होंने सरकार से बकाया वेतन का तत्काल भुगतान, मानदेय वृद्धि और लंबित मांगों के समाधान की मांग की है.
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