Pakur: जिले के हिरणपुर प्रखंड में प्रशासन की सख्ती का असर तेजी से देखने को मिला है. हिरणपुर अंचलाधिकारी मनोज कुमार की निर्णायक कार्रवाई के बाद चौकीढाप गांव स्थित जीतलाल तुरी के पोखरा को महज 48 घंटे के भीतर उसके मूल स्वरूप में बहाल कर दिया गया. दरअसल, शनिवार को सीओ द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि वर्ष 1995-96 में जवाहर रोजगार योजना के तहत निर्मित यह महत्वपूर्ण जलस्रोत, जिसे ग्रामीणों की जीवन रेखा माना जाता है, उसे कुछ लोगों द्वारा आपसी मिलीभगत से मिट्टी भरकर समतल कर दिया गया था.
48 घंटे के भीतर ही हटाया गया अतिक्रमण
मामले की गंभीरता को देखते हुए अंचलाधिकारी ने जमीन मालिक सहित पांच ग्रामीणों को कारण बताओ नोटिस जारी किया और तत्काल प्रभाव से पोखरा को पूर्व स्थिति में बहाल करने का सख्त निर्देश दिया. साथ ही यह स्पष्ट चेतावनी दी गई कि निर्धारित समय सीमा के भीतर आदेश का पालन नहीं होने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
प्रशासन की कड़ी चेतावनी और सक्रियता का ही परिणाम रहा कि संबंधित लोगों ने महज 48 घंटे के भीतर ही अतिक्रमण हटाकर पोखरा को पुनः उसके मूल स्वरूप में बहाल कर दिया.
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