Giridih:बेंगाबाद थाना क्षेत्र के अरतोका में वन विभाग की जमीन पर अवैध पत्थर खदान का खेल एक बार फिर धड़ल्ले से जारी है. हैरानी की बात यह है कि 14 नवंबर 2025 को इसी खदान में प्रशासनिक छापेमारी हुई थी, लेकिन कार्रवाई के कुछ दिनों बाद ही खदान दोबारा चालू हो गया. अब सवाल उठने लगे हैं कि आखिर किसके संरक्षण में वन भूमि को खोखला किया जा रहा है? सूत्रों के अनुसार इस अवैध खनन कारोबार में अजय मोदी और नीरज डोकनिया नामक लोगों की भूमिका सामने आ रही है. ग्रामीणों का कहना है कि दिन में खदान क्षेत्र पूरी तरह शांत रहता है, ताकि किसी को भनक न लगे. लेकिन शाम ढलते ही पूरा इलाका धमाकों की आवाज से गूंज उठता है. रातभर ब्लास्टिंग कर पत्थरों की निकासी की जाती है और हाइवा के जरिए बड़े पैमाने पर दुलाई होती है.

अवैध कारोबार में रसुखदार लोग शामिल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस अवैध कारोबार में कई सफेदपोश और रसूखदार लोग भी शामिल हैं, जिनके कारण कार्रवाई के बावजूद खदान बंद नहीं हो पा रहा. सूत्र यह भी बताते हैं कि एक खास व्यक्ति “मैनेजमेंट” का पूरा जिम्मा संभालता है और अलग-अलग जगहों तक पैसे पहुंचाने का काम करता है, ताकि अवैध कारोबार बिना रोक-टोक चलता रहे. वन भूमि पर इस तरह अवैध खनन सीधे तौर पर पर्यावरण और सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा रहा है. लगातार हो रही ब्लास्टिंग से आसपास के गांवों में कंपन महसूस किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों बढ़ता जा रहा है.
इन धाराओं के तहत हो सकती है बड़ी कार्रवाई
अवैध खनन और वन भूमि अतिक्रमण को लेकर संबंधित लोगों पर कई कड़े कानूनों के तहत कार्रवाई संभव है.
भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 26 के तहत संरक्षित वन क्षेत्र में अवैध खनन, पेड़ कटाई और अतिक्रमण दंडनीय अपराध है.
वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 के तहत वन भूमि का गैर-वन कार्य में उपयोग बिना अनुमति गैरकानूनी माना जाता है.
खनिज एवं खनन (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 [MMDR Act] की धारा 4(1) एवं 21 के तहत बिना वैध लीज और अनुमति के खनन करना अपराध है, जिसमें जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान है.
अवैध ब्लास्टिंग पाए जाने पर विस्फोटक अधिनियम, 1884 और Explosives Rules के तहत भी कार्रवाई हो सकती है.
अब देखना यह होगा कि प्रशासन और वन विभाग इस मामले में दोबारा सख्त कार्रवाई करता है या फिर वन भूमि पर अवैध खनन का यह खेल यूं ही चलता रहेगा.
AlsoRead:दवा दुकान में पार्ट टाइम जॉब करने वाले बी फार्मा के छात्र ने की आत्महत्या
