Giridih: राजधनवार विधानसभा क्षेत्र के तिसरी प्रखंड अंतर्गत सिंघो पंचायत के लक्ष्मनिया टोला में रहने वाली सरिता देवी आज बदहाली और लाचारी भरी जिंदगी जीने को मजबूर है. तीन छोटे-छोटे बच्चों के साथ वह अपने पिता के टूटे हुए मिट्टी के घर में किसी तरह दिन गुजार रही है. घर की हालत इतनी खराब है कि बरसात और गर्मी दोनों ही मौसम उनके लिए मुसीबत बन चुके है.

जाने पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, सरिता देवी की पहली शादी के बाद पति की मौत हो गई थी. इसके बाद दूसरी शादी में भी उन्हें प्रताड़ना और मारपीट का सामना करना पड़ा. ससुराल पक्ष द्वारा घर से निकाल दिए जाने के बाद वह बच्चों के साथ मायके में रहने लगी. लेकिन यहां भी आर्थिक स्थिति बेहद खराब है. कई बार परिवार को भूखे पेट रात गुजारनी पड़ती है. सबसे बड़ी समस्या यह है कि सरिता देवी के पास आधार कार्ड तक नहीं है, जिसके कारण उन्हें किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा. ना राशन कार्ड, ना पेंशन और ना ही आवास योजना का फायदा. ऐसे में बच्चों का पालन-पोषण करना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है.
लोगों ने क्या कहा…
यह पूरा मामला उस राजधनवार विधानसभा क्षेत्र का है, जहां से बाबूलाल मरांडी विधायक है. ऐसे में स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर क्षेत्र में इतनी बदहाल स्थिति में जी रहे परिवार तक अब तक सरकारी मदद क्यों नहीं पहुंच पाई. लोगों का कहना है कि गरीबों और जरूरतमंदों की बात करने वाले जनप्रतिनिधियों को ऐसे परिवारों की सुध लेनी चाहिए, लेकिन अब तक किसी तरह की ठोस पहल नहीं दिखी है. समाजसेवी दामोदर कुमार यादव ने बताया कि परिवार की स्थिति बेहद चिंताजनक है और प्रशासन को तत्काल मदद करनी चाहिए. वहीं पड़ोसी गुरुदेव कुमार यादव ने कहा कि गांव के लोग अपने स्तर से मदद करते हैं, लेकिन यह लंबे समय तक संभव नहीं है. ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि सरिता देवी और उनके बच्चों को जल्द सरकारी सहायता, राशन, आवास और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि परिवार सम्मान के साथ जीवन जी सके.
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