Jamshedpur : बिष्टुपुर स्थित ‘डीडी बार’ के सामने हिमांशु सिंह की हत्या कर दी गई थी. हिमांशु के शव का पोस्टमार्टम बुधवार सुबह करीब 3 बजे एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में किया गया. डीसी के विशेष निर्देश पर जिला प्रशासन ने देर रात ही इस प्रक्रिया को पूरा कराया. हालांकि, इस दौरान मृतक के परिजन अस्पताल में मौजूद नहीं थे. जिससे अब इस पूरे घटनाक्रम और पुलिसिया कार्रवाई को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं.
रात के अंधेरे में पोस्टमार्टम : कानून-व्यवस्था का हवाला
मिली जानकारी के अनुसार, हिमांशु सिंह की मौत के बाद शहर में उपजे भारी आक्रोश और कानून-व्यवस्था की बेहद संवेदनशील स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने रात में ही पोस्टमार्टम कराने का आपातकालीन निर्णय लिया. टाटा मुख्य अस्पताल से शव को भारी पुलिस सुरक्षा और निगरानी के बीच तड़के करीब 2:30 बजे एमजीएम पोस्टमार्टम हाउस लाया गया. इसके तुरंत बाद, चिकित्सकों की एक विशेष टीम ने विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम संपन्न किया. वर्तमान में शव को पोस्टमार्टम हाउस में ही सुरक्षित रखा गया है.

परिजनों का गंभीर आरोप – हमें बिना बताये पूरी की प्रक्रिया
दूसरी ओर, मृतक हिमांशु सिंह के स्वजनों ने जिला प्रशासन और पुलिस की इस कार्यप्रणाली पर गहरा रोष व्यक्त किया है. परिजनों का आरोप है कि उन्हें पोस्टमार्टम शुरू होने से पहले प्रशासन की तरफ से कोई पर्याप्त या आधिकारिक सूचना नहीं दी गई. उनका कहना है कि परिवार के किसी भी सदस्य की मौजूदगी के बिना इतनी महत्वपूर्ण और संवेदनशील कानूनी प्रक्रिया को आनन-फानन में पूरा कर दिया गया. परिजनों के अनुसार, प्रशासन के इस कदम से उनकी धार्मिक और पारिवारिक भावनाएं आहत हुई हैं.
एनकाउंटर और गिरफ्तारी की मांग पर अड़े थे परिजन
उल्लेखनीय है कि डीडी बार के बाहर हुए जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह ने सोमवार देर शाम इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था. हिमांशु की मौत की खबर फैलते ही पूरे शहर में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया. परिजनों और स्थानीय लोगों ने साफ रुख अपनाते हुए मांग रखी थी कि जब तक इस जघन्य हत्याकांड के मुख्य आरोपी का पुलिस एनकाउंटर नहीं करती और बाकी सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे. इसी गतिरोध के बीच पुलिस और प्रशासन ने देर रात ही पोस्टमार्टम कराने का फैसला ले लिया.
एसएसपी हटाए गए, थाना प्रभारी समेत 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड
इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे थे. जिसके बाद शासन स्तर पर बड़ी गाज गिरी है. मामले की गंभीरता और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में चूक को देखते हुए जिले के एसएसपी SSP को पद से हटा दिया गया. इसके साथ ही, घटना के समय लापरवाही बरतने के आरोप में बिष्टुपुर थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है. पुलिस विभाग के आला अधिकारियों के अनुसार, मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपी और अन्य संलिप्त अपराधियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी तेज कर दी गई है. शहर में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात है.
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