Ranchi: झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, मनोरम वादियों और स्थानीय हुनर को अब एक नया अंतरराष्ट्रीय मंच मिलने जा रहा है. प्रोजेक्ट भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (JFDCL) और सिनेमा जगत की प्रतिष्ठित संस्था सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI), कोलकाता के बीच एक ऐतिहासिक समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
जे नाची से बाची का संदेश
इस अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें सही दिशा में तराशने और एक मजबूत प्लेटफॉर्म देने की जरूरत है. डॉ. रामदयाल मुंडा की प्रसिद्ध पंक्ति “जे नाची से बाची” का स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राज्य के आम लोगों और हर नागरिक के भीतर किसी न किसी तरह का कलाकार छिपा पड़ा है. SRFTI जैसे अनुभवी संस्थान के साथ साझेदारी से राज्य की इन छिपी हुई कलात्मक प्रतिभाओं को निखारने का कार्य किया जाएगा.
रील्स से लेकर बड़े पर्दे तक का सफर
मुख्यमंत्री ने वर्तमान समय में सोशल मीडिया और सूचना तंत्र की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हम आज विभिन्न सोशल मीडिया, समाचार पत्रों और विभिन्न सूचना तंत्रों के माध्यम से कलाकारों की गतिविधियों को लगातार देख रहे हैं. कोई फिल्म बना रहा है तो कोई रील बनाकर अपनी विशेषताओं और कला को आमजनों तक पहुंचा रहा है. यह एक बहुत ही क्रिएटिव क्षेत्र है, जो आपको छोटे से बड़े व्यवसाय की ओर ले जाता है. सिनेमा केवल पर्दे तक सीमित नहीं है. जहां आप कैमरे के सामने होते हैं, वहीं कैमरे के पीछे भी तकनीशियन और विशेषज्ञों की एक बड़ी फौज होती है. सभी के पास जो हुनर है, उसे एक एकीकृत प्लेटफॉर्म पर लाने का प्रयास हमारी सरकार कर रही है.
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अनछुए हुनर और संताली फिल्म की राष्ट्रीय सफलता
राज्य में मौजूद अनगिनत संभावनाओं का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि झारखंड में ऐसी कई प्रतिभाएं हैं, जो आज भी अनछुई हैं और जिन्हें दुनिया के सामने लाना बाकी है. उन्होंने हाल ही में झारखंड की संताली फिल्म को मिले राष्ट्रीय पुरस्कार का उदाहरण देते हुए कहा कि संताली फिल्म को मिला पुरस्कार इस बात का सबूत है कि हमारे राज्य के कलाकारों में अपार क्षमता है, बस उसे तराशने की जरूरत है. यदि हमारे कलाकारों को सही मार्गदर्शन और प्रशिक्षण मिले, तो राज्य में ऐसे कई और बड़े सम्मान व पुरस्कार आ सकते हैं.
सत्यजीत रे का झारखंड कनेक्शन और सिनेमाई इतिहास
मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि SRFTI फिल्म जगत की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित संस्थाओं में से एक है, जिसकी पहचान पूरे विश्व में है. उन्होंने राज्य के समृद्ध सिनेमाई इतिहास को याद दिलाते हुए कहा कि महान फिल्मकार सत्यजीत रे ने भी झारखंड के विविध लोकेशन्स पर अपनी फिल्मों की शूटिंग की थी.
झारखंड में मशहूर फिल्मों की हुई शूटिंग
सीएम ने कहा कि झारखंड में दिल बेचारा, एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी और गैंग्स ऑफ वासेपुर जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों की शूटिंग हुई है. हिंदी सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन को लेकर धनबाद में यादगार फिल्म काला पत्थर बनाई गई. प्रख्यात निर्देशक प्रकाश झा की शुरुआती शिक्षा-दीक्षा भी झारखंड की इसी माटी में हुई है.
नौजवानों के लिए खुलेंगे रोजगार और पहचान के नए आयाम
सीएम ने कहा कि इस समझौते के माध्यम से राज्य के युवाओं के लिए एक नया आयाम खुलने जा रहा है. आज के समय में युवा किसी भी क्षेत्र में अपने हुनर को बेहतर तरीके से आकार देकर अपनी एक अलग पहचान बना सकते हैं. आने वाले समय में इस प्लेटफॉर्म का सबसे बड़ा और बेहतर उपयोग हमारे राज्य के नौजवान करेंगे. SRFTI जैसी विश्वस्तरीय और अनुभवी संस्था की उपयोगिता से राज्य के युवाओं को विश्वस्तरीय ट्रेनिंग मिलेगी, जिससे रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे.
झारखंड से बेहतर सिनेमा का माहौल पूरे देश में कहीं नहीं: राधाकृष्ण किशोर
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि इस एमओयू के माध्यम से राज्य की प्रतिभा और कलात्मक भावनाओं को एक मजबूत मंच पर लाया गया है. उन्होंने कहा कि झारखंड हर दृष्टिकोण से आगे बढ़ना चाहता है. राज्य में न केवल अद्भुत और नैसर्गिक प्रतिभाएं हैं, बल्कि यहां एक से बढ़कर एक मनोरम और सुंदर स्थल मौजूद हैं. यदि समग्र रूप से देखा जाए, तो पूरे देश में फिल्म निर्माण के लिए झारखंड से बेहतर वातावरण और लोकेशन्स कहीं और नहीं मिल सकते. कार्यक्रम में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के विशेष सचिव राजीव लोचन बक्शी सहित अन्य मौजूद थे.
