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झारखंड में स्वास्थ्य क्रांति की नई शुरुआत: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लॉन्च किया ‘डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स’, AI और मेडटेक से बदलेगी स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ‘डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स’ परियोजना का किया शुभारंभ. AI और मेडटेक के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं को बनाया जाएगा अधिक प्रभाव....

  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ‘डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स’ परियोजना का किया शुभारंभ.
  • AI और मेडटेक के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं को बनाया जाएगा अधिक प्रभाव.
  • सभी पंचायतों में स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने की दिशा में कार्य.
  • थैलेसीमिया, सिकल सेल और टीबी की व्यापक स्क्रीनिंग पर जोर.
  • राज्यभर में 745 ‘अबुआ मेडिकल स्टोर’ खोलने की तैयारी.
  • 13 मेडटेक स्टार्टअप्स ने आधुनिक स्वास्थ्य तकनीकों का प्रदर्शन किया.
  • सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी क्रांति लाकर अंतिम व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाना.

Ranchi: झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के माध्यम से नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने की दिशा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को रांची में आयोजित मेडटेक इनोवेशन डे के दौरान महत्वाकांक्षी पहल ‘डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स’ का शुभारंभ किया. इस परियोजना के जरिए स्वास्थ्य क्षेत्र में विकसित नई तकनीकों, उपकरणों और डिजिटल समाधानों को जिला स्तर पर वास्तविक परिस्थितियों में परखा जाएगा और सफल होने पर उन्हें राज्यभर में लागू किया जाएगा. भारतीय विकास ट्रस्ट (बीवीटी) और पीएचआईए फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप प्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों ने भाग लिया. कार्यक्रम में 13 मेडटेक स्टार्टअप्स ने एनीमिया, तपेदिक (टीबी), मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए विकसित आधुनिक तकनीकी समाधानों का प्रदर्शन किया.

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स्वास्थ्य क्षेत्र में AI और तकनीक से आएगा बड़ा बदलाव : हेमंत सोरेन

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और सरल बनाने के लिए सरकार लगातार नए रास्ते तलाश रही है. उन्होंने कहा कि राज्य के दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना बड़ी चुनौती है, लेकिन आधुनिक तकनीक और AI इस चुनौती को अवसर में बदल सकते हैं. झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है, लेकिन खनन गतिविधियों के कारण पर्यावरणीय बदलाव और विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं भी सामने आती हैं. ऐसे में तकनीक आधारित स्वास्थ्य समाधान राज्य के लिए बेहद उपयोगी साबित होंगे.

तकनीकों को जल्द से जल्द धरातल पर उतारा जाए

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदर्शनी में जिन उपकरणों और मशीनों का प्रदर्शन किया गया, वे अत्याधुनिक और उपयोगी हैं. सरकार चाहती है कि इन तकनीकों को जल्द से जल्द धरातल पर उतारा जाए ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में मानवीय त्रुटियां कम हों और लोगों को तेजी से बेहतर इलाज मिल सके. मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी-बड़ी मशीनों की आवश्यकता होती थी, लेकिन अब तकनीक की मदद से छोटे उपकरण भी बड़े और जटिल कार्य कर रहे हैं. AI स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहा है और आने वाले समय में ऐसे उपकरण विकसित होंगे जो मरीज की समस्याओं की पहचान स्वतः कर सकेंगे.

सीएम ने रियल टाइम हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम की आवश्यकता पर दिया जोर

मुख्यमंत्री ने रियल टाइम हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि राज्य के प्रत्येक व्यक्ति का स्वास्थ्य डेटा उपलब्ध होना चाहिए ताकि क्षेत्र विशेष की स्वास्थ्य समस्याओं के अनुरूप योजनाएं बनाकर बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकें. झारखंड में गरीबी, शिक्षा की कमी और सामाजिक झिझक जैसी चुनौतियां हैं, इसलिए तकनीक आधारित स्वास्थ्य व्यवस्था लोगों तक सुविधाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

4-5 वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र की बड़ी खाई पाटेंगे : अजय कुमार सिंह

अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स परियोजना में तकनीक और AI का व्यापक उपयोग किया जाएगा. इससे स्वास्थ्य सेवाओं में मौजूद कमियों को दूर करने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि सरकार सभी पंचायतों में स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है. भारतीय मानकों के अनुरूप स्वास्थ्य ढांचे में जो कमी है, उसे अगले 4-5 वर्षों में काफी हद तक दूर करने का लक्ष्य रखा गया है. ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया और टीबी जैसी बीमारियों की व्यापक स्क्रीनिंग कर लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने की योजना पर काम हो रहा है.

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एक साल में स्वास्थ्य क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक काम हुआ : इरफान अंसारी

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में पिछले 20 वर्षों में जितना विकास नहीं हुआ, उससे अधिक कार्य राज्य सरकार ने पिछले एक वर्ष में किया है. उन्होंने दावा किया कि पूर्ववर्ती सरकारें जहां नए मेडिकल कॉलेज स्थापित नहीं कर सकीं, वहीं वर्तमान सरकार ने राज्य में 8 मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है. उन्होंने कहा कि MBBS सीटों की संख्या बढ़ाई गई है और डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए बाहरी राज्यों से भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जा रही है. अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की जा रही है ताकि गांवों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें.

झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को हाईटेक बनाने का लक्ष्य

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार की सोच झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को हाईटेक और आधुनिक बनाना है. इसी कड़ी में ‘अबुआ मेडिकल स्टोर’ योजना शुरू की जा रही है, जिसके तहत राज्यभर में 745 अबुआ मेडिकल स्टोर खोले जाएंगे. उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगी. जामताड़ा की हालिया घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जबकि सरकार लगातार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए काम कर रही है. उन्होंने कहा कि यदि झारखंड में विकास देखना है तो स्वास्थ्य विभाग के कार्यों को निष्पक्ष रूप से देखा जाना चाहिए.

13 स्टार्टअप्स ने दिखाए स्वास्थ्य क्षेत्र के भविष्य की झलक

मेडटेक इनोवेशन डे में 13 स्टार्टअप्स ने AI आधारित जांच प्रणाली, पोर्टेबल डायग्नोस्टिक डिवाइस, डिजिटल हेल्थ मॉनिटरिंग और रोग पहचान तकनीकों सहित कई अभिनव समाधान प्रस्तुत किए. मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों ने इन नवाचारों का अवलोकन कर उनके व्यावहारिक उपयोग और संभावित प्रभाव पर चर्चा की.

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