रांचीः झारखंड में राजस्व संबंधी मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल ई-रेवेन्यू कोर्ट अब परिणाम देने लगा है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में कुल दर्ज मामलों में से लगभग 79.52 फीसदी का निष्पादन किया जा चुका है. हालांकि, राजधानी रांची में अभी भी काफी संख्या में मामले लंबित हैं.
क्या कहते हैं आंकड़े
राज्य सरकार द्वारा जारी सर्टिफिकेट केस रिपोर्ट के अनुसार, कुल 2,73,974 मामले दर्ज किए गए. इसमें से 2,17,871 मामले निष्पादित कर दिए गए. आज की तारीख में 56,103 मामले लंबित हैं. राज्यभर में औसत निष्पादन दर 79.52 फीसदी रहा हैं.
Read Also: झारखंड के सेंट्रल और डिस्ट्रिक्ट जेलों में क्षमता से ज्यादा कैदी बंद
सिमडेगा सबसे आगे
केस निष्पादन के मामले में सिमडेगा पूरे राज्य में टॉप पर है. सिमडेगा में 97.47 फीसदी मामलों का निपटारा किया जा चुका है, जो सबसे बेहतर प्रदर्शन है. इसके बाद पाकुड़ (94.18%), कोडरमा (94.14%) और लातेहार (94.01%) का स्थान आता है. जहां छोटे जिले बेहतर कर रहे हैं, वहीं कुछ जिलों में अभी भी काफी काम बाकी है. सबसे अधिक पेंडेंसी प्रतिशत जामताड़ा में है, जहां लगभग 48.33% मामले अभी भी लंबित हैं.
Also Read: RDBA के उपाध्यक्ष बी.के राय को दी गई श्रद्धांजलि, आज सिविल कोर्ट में नहीं हुए न्यायिक कार्य
राजधानी रांची का बोझ
राज्य में सबसे अधिक केस लोड राजधानी रांची पर है. यहां कुल 83,485 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 63,898 का निष्पादन हो चुका है. रांची में पेंडेंसी का प्रतिशत 23.46% है. बड़ी संख्या होने के बावजूद 76% से अधिक का निष्पादन सराहनीय माना जा रहा है.
किस जिले में कितने मामले
रांची में कुल 83,485 मामले आए, इसमें 76.54% का निष्पादन कर दिया गया. 23.46 मामले लंबित हैं. हजारीबाग में 23515 मामले आए, इसमें 75.59 फीसदी मामलों का निपटारा हो चुका है, 24.41 फीसदी मामले फिलहाल लंबित हैं. धनबाद में 12005 मामले आए, इसमें 73.32 फीसदी मामलों का निपटारा हुआ है, 26.68 फीसदी मामले अब तक लंबित हैं. इसी तरह देवघर में 9498 मामलों में से 65.45 मामलों का निपटारा हो चुका है. पलामू में 7213 मामलों में सले 91.50 फीसदा मामलों का निपटारा हो चुका हैं. 8.50 फीसदी मामले ही लंबित हैं.
