रांची: गर्मी बढ़ने के साथ ही झारखंड के ग्रामीण इलाकों में पानी की समस्या गहराने लगी है. पेयजल विभाग के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में कुल 2,83,332 चापानल हैं, लेकिन इनमें से 81,220 चापानल खराब पड़े हैं. यानी करीब 29 प्रतिशत चापानल फिलहाल काम नहीं कर रहे हैं. ऐसे में बड़ी संख्या में लोग पानी के लिए जूझ रहे हैं. जो 2,02,005 चापानल चालू हैं, उन पर भी गर्मी बढ़ने के साथ दबाव बढ़ने की आशंका है.
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सिंगल विलेज स्कीम की रफ्तार धीमी, हजारों योजनाएं लंबित
ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक पानी पहुंचाने के लिए शुरू की गई सिंगल विलेज स्कीम की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है. इस योजना के तहत कुल 83,490 परियोजनाओं का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब तक 34,872 योजनाएं लंबित हैं. धीमी रफ्तार और अधूरी योजनाओं के कारण लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है. ऐसे में गर्मी के इस मौसम में ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है, क्योंकि पानी की उपलब्धता अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है.
