Ranchi: झारखंड मुक्ति मोर्चा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया. पार्टी ने आरोप लगाया कि सामाजिक कार्यकर्ता एवं शिक्षाविद् सोनम वांगचुक 20 दिनों से अनशन पर थे, लेकिन सरकार ने उनकी सुध नहीं ली. JMM प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी के अगले ही दिन बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों ने जंतर-मंतर पहुंचकर उन्हें जबरन हटाया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है. उन्होंने आरोप लगाया कि सोनम वांगचुक को सादे कपड़ों में जबरन उठाया गया और यह कार्रवाई किसी बड़े अपराधी के खिलाफ छापेमारी जैसी थी. पार्टी ने कहा कि यदि सरकार को उनके स्वास्थ्य की चिंता थी तो 20 दिनों तक आप कहा थे. JMM ने इस पूरी कार्रवाई को “लोकतंत्र पर हमला” बताते हुए कहा कि सोनम वांगचुक केवल एक प्रतीक हैं, जबकि असली निशाना संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाएं हैं.
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JMM ने केंद्र सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
पार्टी ने आगामी मानसून सत्र में प्रस्तावित संवैधानिक संशोधनों और केंद्र सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाए. JMM ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है. पार्टी ने कहा कि वह संविधान, लोकतंत्र और आदिवासी-मूलवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए हर लोकतांत्रिक लड़ाई मजबूती से लड़ेगी.
