JMM का BJP पर तंज: जनता को लाइन में खड़ा रखना ही भाजपा का मॉडल, बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटकाने का लगाया आरोप

Ranchi: झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भारतीय जनता पार्टी की नीतियों पर तीखा तंज कसते हुए आरोप लगाया है कि भाजपा का शासन...

Ranchi: झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भारतीय जनता पार्टी की नीतियों पर तीखा तंज कसते हुए आरोप लगाया है कि भाजपा का शासन मॉडल जनहित पर नहीं, बल्कि आम जनता को सड़कों और कतारों में उलझाए रखने पर आधारित है. पार्टी ने सिलसिलेवार ढंग से पिछले एक दशक की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा हर दो-तीन साल में ऐसी स्थिति पैदा कर देती है जिससे जनता बुनियादी सवाल पूछना भूल जाए. भाजपा का ‘विकास मॉडल’ दरअसल जनता को लाठियों और लाइनों के हवाले करना है.

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पार्टी ने तीन कालखंडों का जिक्र किया

2016-17 (नोटबंदी): जेएमएम के अनुसार, सबसे पहले नोटबंदी के नाम पर देश की पूरी आबादी को बैंकों के बाहर लाइन में खड़ा कर दिया गया, जहां जनता ने भारी परेशानियां झेलीं और कई जगह लाठियां भी चटकती दिखीं.

2020-21 (कोविड काल): महामारी के दौर को याद दिलाते हुए कहा गया कि जब जनता को स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत थी, तब लोग दवाओं, अस्पतालों और ऑक्सीजन सिलेंडरों के लिए कतारों में दम तोड़ रहे थे.

2025-26 (नागरिकता का मुद्दा): वर्तमान परिदृश्य पर कटाक्ष करते हुए जेएमएम ने कहा कि अब एक बार फिर नागरिकता सिद्ध करने के नाम पर जनता को लंबी लाइनों में लगाने की तैयारी है.

मांस, मछली और झालमुड़ी के बहाने घेरा

झामुमो ने कहा कि भाजपा की रणनीति साफ है. जनता को लाइनों में रखो ताकि वे रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी सवाल न पूछ सकें. पार्टी ने आरोप लगाया कि जब जनता परेशान होती है, तो भाजपा ‘मांस, मछली और झालमुड़ी’ जैसे भावनात्मक और गैर-जरूरी मुद्दों को उछालकर असल समस्याओं से ध्यान भटकाने का काम करती है.

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