Kodrema: सदर प्रखंड अंतर्गत ग्राम गरहाई में संचालित कजरा आहार जीर्णोद्धार योजना में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश रजक ने उपायुक्त कोडरमा को ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है.
ज्ञापन में कहा गया है कि ग्रामीणों द्वारा लगातार शिकायत की जा रही है कि योजना का कार्य प्राक्कलन (एस्टिमेट) एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं कराया जा रहा है. आरोप है कि तालाब की खुदाई निर्धारित गहराई तक नहीं की जा रही है तथा निकाली गई मिट्टी को वैज्ञानिक तरीके से निष्पादित करने के बजाय तालाब परिसर में ही जमा कर दिया गया है. साथ ही तालाब के चारों ओर बनाई जा रही मेड़ भी मानकों के अनुरूप नहीं है, जिससे भविष्य में दुर्घटना की आशंका बनी हुई है.

लोकतान्त्रिक तरीके से आंदोलन करने की चेतावनी
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि तालाब के किनारों का समुचित सुदृढ़ीकरण नहीं किया जा रहा है, जिससे योजना की गुणवत्ता एवं स्थायित्व पर सवाल खड़े हो रहे हैं. शिकायत में कहा गया है कि जब ग्रामीणों ने कार्य की गुणवत्ता पर आपत्ति जताई, तो उन्हें संतोषजनक जवाब देने के बजाय कथित रूप से धमकाने और उनकी शिकायतों को नजरअंदाज करने का प्रयास किया गया. कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश रजक ने उपायुक्त से मांग की है कि जनहित एवं सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक सक्षम जांच समिति गठित कर योजना के तकनीकी एवं वित्तीय पहलुओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए. उन्होंने जांच पूरी होने तक कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने की भी मांग की है. ज्ञापन की प्रतिलिपि झारखंड के मुख्यमंत्री को भी प्रेषित की गई है. वहीं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होंगे.
