Koderma: झारखंड राज्य आंगनबाड़ी सेविका सहायिका यूनियन (सीटू) की जिला कमिटी की बैठक मंगलवार को चिल्ड्रेन पार्क में जिलाध्यक्ष संतोषी देवी की अध्यक्षता में हुई. संचालन जिला सचिव बेबी कुमारी ने की. बैठक में पिछले पांच माह से मानदेय और पोषाहार राशि नहीं मिलने पर सेविकाओं ने रोष व्यक्त किया. बैठक को संबोधित करते हुए आंगनबाड़ी यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष मीरा देवी ने कहा कि आंगनबाड़ी सेविकाएं बीएलओ के रूप में एसआईआर का काम करने से बीमार हो रही हैं. ऊपर से विभाग का दबाव अलग है.
महंगाई के दौर में 5 महीने से मानदेय नहीं मिलना जले पर नमक छिड़कने जैसा
सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने कहा, कि एक तरफ महंगाई से लोगों का जीना मुस्किल हो गया है. ऐसे में पांच-पांच महीने से आंगनबाड़ी सेविका व सहायिका को मानदेय नहीं मिलना जले पर नमक छिड़कने जैसा है. पोषाहार के लिए अब दुकानदारों ने उधार देने से मना कर दिया है. आंगनबाड़ी में बच्चों को भोजन बंद करना पड़ सकता है. गर्मी के दिनों में भी अंडे का दाम 8 रुपये हो गया है, जबकि सरकारी दर 6 रुपये ही है. वह भी उधार लेकर बच्चों को खिलाना पड़ रहा है. अगर एक सप्ताह के अंदर बकाया पोषाहार और मानदेय का भुगतान नहीं हुआ, तो आंगनबाड़ी मे बच्चों का पोषाहार बंद करने पर सेविकाएं मजबूर हो जाएंगी. ऐसे में इसकी सारी जवाबदेही समाज कल्याण विभाग की होगी. केन्द्र सरकार ने लेबर कोड लागू कर मजदूरों के संघर्ष के अधिकार को कमजोर करने की कोशिश की है, लेकिन मजदूर वर्ग का संघर्ष और तेज होगा.
बैठक में ये रहीं मौजूद
बैठक में संतोषी देवी, बेबी कुमारी, वर्षा रानी, संध्या वर्णवाल, सुषमा देवी, विमला देवी, मंजू मेहता, रीता देवी, उर्मिला देवी, चिंतामणी देवी, कांति देवी, संगीता कुमारी, शीला देवी, ज्योत्सना देवी, सुप्रीति कुमारी, उषा कुमारी, ललिता देवी, किरण देवी, सुनीता देवी, फरीदा खातुन, देवंती देवी आदि मौजूद थी.
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