Latehar: जिला पुलिस को प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के खिलाफ एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है. एसपी कुमार गौरव को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने कुख्यात माओवादी कमांडर रविंद्र गंझू दस्ते के एक बेहद सक्रिय और खतरनाक सदस्य मुकेश गंझू को गिरफ्तार कर जेल के पीछे भेज दिया है मुकेश की गिरफ्तारी को इलाके में सक्रिय रविंद्र गंझू दस्ते के लिए एक बड़ा और कमर तोड़ने वाला झटका माना जा रहा है. गिरफ्तार नक्सली मुकेश गंझू, चंदवा थाना क्षेत्र के बजरमरी (बेलगड़ा) का रहने वाला है और उसके दिवंगत पिता का नाम बाबूलाल गंझू है.

वन रक्षा समिति सदस्य की हत्या का मुख्य आरोपी:
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मुकेश गंझू चंदवा थाना कांड संख्या 170/23 का मुख्य आरोपी है. साल 2023 में जमुआरी गांव के रहने वाले और वन रक्षा समिति के सदस्य प्रद्युम्न यादव की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. नक्सलियों को शक था कि प्रद्युम्न पुलिस के लिए मुखबिरी करता था. इस सनसनीखेज हत्याकांड को माओवादी कमांडर रविंद्र गंझू के सीधे निर्देश पर मुकेश गंझू और उसके साथी राजन महंत असुर ने मिलकर अंजाम दिया था.
तीन जिलों में फैला था खौफ, दर्ज हैं 9 से अधिक मामले:
मुकेश गंझू का आतंक सिर्फ लातेहार तक ही सीमित नहीं था, बल्कि आसपास के जिलों में भी उसकी तूती बोलती थी. उसके खिलाफ लातेहार, लोहरदगा और गुमला समेत कई जिलों के विभिन्न थानों में हत्या, लेवी (रंगदारी) और आगजनी के 9 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं. साल 2022 में चंदवा थाना क्षेत्र के कठपुलिया के पास विकास कार्यों में लगे वाहनों में बड़े पैमाने पर आगजनी की. साल 2023 लपरा रेलवे पुल निर्माण कार्य स्थल पर धावा बोलकर मशीनों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया. फरवरी 2024 में सुंदरू सरना टोली में चल रहे सड़क निर्माण कार्य को रोकने के लिए वहां खड़ी जेसीबी मशीन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की.
