Ranchi/Delhi: झारखंड के चर्चित शराब घोटाले के मुख्य आरोपी और भाटिया वाइंस एंड कंपनी के मालिक भूपेंद्र सिंह भाटिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने भूपेंद्र पाल सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उसके खिलाफ किसी भी तरह की पीड़क कार्रवाई पर रोक लगा दी है.

सुप्रीम कोर्ट ने एसीबी की कार्रवाई पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने पीड़क कार्रवाई पर रोक के बाद अब एसीबी अगली सुनवाई तक भूपेंद्र सिंह भाटिया के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पाएगी. भूपेंद्र पाल सिंह भाटिया को झारखंड हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था जिसके बाद उसने सुप्रीम कोर्ट में अपनी अग्रिम जमानत की गुहार लगाते हुए अग्रिम जमानत याचिका दायर की है.
भूपेंद्र पाल सिंह की याचिका सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जवल भुइयां की बेंच में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान अदालत ने एसीबी को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई के लिए 31 जुलाई की तिथि निर्धारित की है. शीर्ष अदालत ने भूपेंद्र पाल सिंह भाटिया को एसीबी की जाँच में सहयोग करने का भी निर्देश दिया है.
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बिना वैध एग्रीमेंट शराब बिक्री और राजस्व नुकसान का आरोप
भूपेंद्र पाल सिंह पर आरोप है कि भाटिया वाइंस एंड कंपनी ने बिना वैध एग्रीमेंट के ही शराब की बिक्री की और प्लेसमेंट से लेकर शराब की आपूर्ति तक की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की है इससे सरकार को सैकड़ों करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ. इस मामले में विनय कुमार चौबे समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है.
इस साल जनवरी के अंत में झारखंड एसीबी की टीम भूपेंद्र पाल सिंह भाटिया को गिरफ्तार करने के लिए छत्तीसगढ़ गई थी. लेकिन गिरफ्तारी से पहले ही भाटिया फरार हो गया था.
