Ranchi: लॉकडाउन के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों में पेड़ कटाई मामले को लेकर दायर याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट (Jharkhand High Court-HC) के न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद (Sujit Narayan Prasad) एवं संजय प्रसाद की खंडपीठ ने सुनवाई की.
सुनवाई के दौरान अदालत ने जांच की धीमी रफ्तार पर कड़ी नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार से पूछा कि चार वर्ष बीत जाने के बाद भी अब तक जांच पूरी क्यों नहीं हो सकी.

CID की जांच पर भी उठाए सवाल
अदालत ने यह भी पूछा कि सीआईडी (Crime Investigation Department-CID) को जांच का जिम्मा सौंपे जाने के बाद अब तक जांच कहां तक पहुंची है. साथ ही कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि सीआईडी केवल पांकी क्षेत्र में ही जांच क्यों कर रही है और अन्य जिलों से जुड़े मामलों में उसका क्या रुख है.
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दो सप्ताह में मांगा जवाब
प्रार्थी के अधिवक्ता अभय कुमार मिश्रा (Abhay Kumar Mishra) ने अदालत को बताया कि मामला सामने आने के बाद सरकार ने जांच सीआईडी को सौंप दी थी, लेकिन जांच बेहद धीमी गति से चल रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में शामिल लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है.
अदालत ने कथित लार्जर कंस्पिरेसी (Larger Conspiracy) के पहलू पर भी राज्य सरकार से विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की गई है.


